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खतरे में जान: वाराणसी के मंडलीय अस्पताल में बेड के ऊपर से गुजर रहे तार, फायर अलार्म सिस्टम बंद

Fri, 05 Jun 2026 04:31 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में मंडलीय अस्पताल में बेड के ऊपर से कार गुजर रहे हैं। वहीं फायर अलार्म सिस्टम भी बंद है। आयुर्वेद अस्पताल के बाहर फायर बॉक्स खाली पड़ा है। ऐसे में इन अस्पतालों में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। 
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सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। यहां अग्निशमन यंत्र तो लगाए गए हैं, लेकिन आपात स्थिति में ये कितने कारगर होंगे, यह सवाल बना हुआ है। बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक अस्पताल के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लगने और मरीजों की मौत की घटना के बाद अमर उजाला की पड़ताल में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

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अस्पताल में फायर अलार्म सिस्टम बंद मिला, जबकि पीडियाट्रिक आईसीयू में कुछ अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। कई वार्डों में मरीजों के बेड के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं, जिससे करंट और शॉर्ट सर्किट का खतरा बना हुआ है। वहीं, रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में फायर अलार्म सिस्टम दीवार से लटकता मिला।

गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पिछले वर्ष बीएचयू अस्पताल में आग लगी थी। इसके अलावा अप्रैल 2025 में मंडलीय अस्पताल के ब्लड बैंक में भी भीषण आग लग चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन पर्याप्त गंभीर नहीं दिख रहा है।
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बृहस्पतिवार दोपहर की पड़ताल में मंडलीय अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड, कार्डियक वार्ड, सर्जरी वार्ड और प्राइवेट वार्ड में कई स्थानों पर खुले तार दिखाई दिए। फायर अलार्म सिस्टम का स्विच भी बंद मिला। ऐसी स्थिति में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से आग लगने पर समय रहते सूचना मिलना मुश्किल हो सकता है।

चिल्ड्रेन वार्ड के पास आग बुझाने के लिए लगाए गए फायर बॉक्स में पाइप भी नहीं मिली। पीडियाट्रिक आईसीयू में गंभीर बच्चों के उपचार के बीच रखे दो ऑक्सीजन सिलिंडरों की वैधता अवधि जनवरी 2026 अंकित थी। यानी कि इसकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। अस्पताल के भूतल स्थित बर्न वार्ड और सर्जरी वार्ड में मरीजों के बेड के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं, जिससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है।

रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की इमरजेंसी में भी फायर अलार्म सिस्टम खराब मिला। वहीं, चौकाघाट स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगे फायर बॉक्स में पाइप गायब थी। उधर, जिला अस्पताल के कई वार्डों में भी बिजली के तार व्यवस्थित नहीं मिले, जिससे शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी हुई है।
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लंबे समय से नहीं हुआ अग्निशमन विभाग का निरीक्षण
अक्सर किसी अस्पताल, होटल या अन्य संस्थान में आग लगने के बाद ही अग्निशमन विभाग की सक्रियता दिखाई देती है। मंडलीय अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल और शास्त्री अस्पताल में आग से बचाव के इंतजामों की स्थिति देखकर लगता है कि लंबे समय से अग्निशमन विभाग की ओर से प्रभावी निरीक्षण नहीं किया गया। नियमित जांच होती तो खुले तारों को दुरुस्त कराया जाता और फायर अलार्म सिस्टम भी चालू स्थिति में रहता।
 

अधिकारी बोले
आग लगने से बचाव के लिए नए सिरे से पूरे अस्पताल की फायर ऑडिट कराई जाएगी। फायर अलार्म सिस्टम क्यों बंद हैं, इस पर जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जाएगी। जिस जगह पर तार खुले होंगे, उसको अंदर कराया जाएगा। -डॉ. बृजेश कुमार, प्रमुख अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल

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