भीषण गर्मी में बिजली की कटौती जारी है। इस बीच फाल्ट ने भी समस्या बढ़ा दी है। शनिवार को सप्तसागर दवा मंडी में तारों के झुंड में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार दवाइयों को सुरक्षित स्थान पर रखने लगे तो आग को बुझाने के प्रयास में भी लग गए। जिस जगह तार जलने से आग की लपटे निकल रही थी, वहीं मेडिकल स्टोर था और एसी भी लगी थी।
यह तो ठीक था कि दुकानदारों की नजर पड़ गई। अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पाया गया। उधर शहर के कई इलाकों में बिजली की आवाजाही जारी होने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार को सप्तसागर दवा मंडी में दोपहर बाद अचानक तारों के झुंड में आग लग गई। यहां बिजली निगम की ओर से जैसे-तैसे तार लगाकर बिजली आपूर्ति दी जा रही है। दवा विक्रेता समिति के महामंत्री संजय सिंह का कहना है कि जिस तरह से तारों का जंजाल हैं, बिजली निगम की अनदेखी से कभी भी बड़ी दुघर्टना हो सकती है।
पक्का महाल, वरुणापार में समस्या अधिक
पक्का महाल के कालभैरव, चौखंभा, ठठेरी बाजार, गोलघर, राजमंदिर, गायघाट आदि इलाकों में सुबह से ही बिजली का आना जाना लगा रहा। कालभैरव के पास रहने वाली मोनिका तिवारी ने बताया कि बिजली की आंख मिचौली पूरे दिन भर चलती रही। हर आधे घंटे पर बिजली का आना जाना लगा रहा।
उपकेंद्र पर पूछने पर भी सही जानकारी नहीं मिल पाई। उधर गोलघर के सुनील कुमार, प्रमोद कुमार ने बताया कि कटौती का कोइ्र शेडयूल नहीं रहा। आना जाना लगा रहा। वरुणापार में शिवपुर, पहड़िया सहित कई कालोनियों में बिजली कटौती जारी रही। लोकल फाल्ट इसकी वजह रही। इस कारण लोग जहां गर्मी से परेशान रहे वहीं टंकी में पानी भी नहीं भर पाए।