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Varanasi: आपका अश्लील वीडियो वायरल कर देंगे....लैब टेक्नीशियन को धमकी देकर जालसाजों ने 94 हजार ठगे

Wed, 28 Jun 2023 11:05 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के बड़ागांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लैब टेक्नीशियन को साइबर जालसाजों ने उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर तीन बार में 94500 रुपये अपने खाते में जमा करा लिया। 
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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वाराणसी के बड़ागांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लैब टेक्नीशियन को साइबर जालसाजों ने उसका अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर तीन बार में 94500 रुपये अपने खाते में जमा करा लिया। ठगी का एहसास होने पर स्वास्थ्य कर्मी ने बड़ागांव थाने में जालसाजों के मोबाइल नंबर, नाम और खाता नंबर देकर मुकदमा दर्ज कराया।

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बड़ागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोगशाला प्राविधिक पद पर कार्यरत राजेश कुमार यादव को 20 जून को साइबर जालसाजों ने फोन कर बताया कि आपका अश्लील वीडियो वायरल होने जा रहा है। तीन अश्लील वीडियो डिलीट करने के लिए 31500 रुपये तीन अलग-अलग बार में खाते में भेजना होगा।

हीलाहवाली करने पर वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। घबराए स्वास्थ्य कर्मी ने शनि चौधरी के खाते में फोन-पे से 94500 रुपये भेजा। राजेश के अनुसार पहली बार फोन करने वाले ने अपना नाम एसीपी एसएन श्रीवास्तव बताया था।
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ट्रेडिंग बिजनेस में मुनाफा का झांसा देकर डॉक्टर से 5.5 लाख की ठगी

नरायनपुर नुआंव बाईपास चौराहे के पास रहने वाले डॉ. सिद्धार्थ गर्ग को ट्रेडिंग बिजनेस में मुनाफा का झांसा देकर जालसाज ने पांच लाख पचास हजार रुपये ठग लिए। प्रकरण को लेकर लंका थाने में डॉ. सिद्धार्थ की तहरीर के आधार पर अहमदपुर शिवपुर निवासी व्योमेश प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉ. सिद्धार्थ गर्ग ने बताया कि वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सरकारी चिकित्सक हैं। बीते साल नवंबर महीने में वह घर आए थे। उसी दौरान खुद को डॉक्टर बताते हुए व्योमेश सिंह ने उनसे संपर्क किया।

बातचीत में उसने ट्रेडिंग बिजनेस में तगड़े मुनाफे की बात कहकर 5.5 लाख रुपये निवेश करने को कहा। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि वह व्योमेश के झांसे में आकर पर्सनल लोन लेकर उसे 5.5 लाख रुपये और खुद से संबंधित आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण कागजात भेज दिए। व्योमेश ने डॉ. सिद्धार्थ के कागजात का इस्तेमाल कर एक फर्जी ई-मेल आईडी बना ली। इसके बाद उसी आईडी से क्यूनेट नाम की कंपनी से रजिस्ट्रेशन कर ट्रेडिंग करने लगा। लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें उनके 5.5 लाख रुपये और मुनाफा नहीं मिला।

इसके साथ ही पैसे के संबंध में बात करने पर वह टालमटोल करता रहा। जब उन्हें भरोसा हो गया कि उनका पैसा नहीं मिलेगा तो उन्होंने कार्रवाई के लिए लंका थाने की पुलिस को तहरीर दी। इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका अश्वनी पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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रंगदारी मांगने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

 फर्जी शादी का नाटक रचकर कर युवक को अगवा कर देह व्यापार में लिप्त होने और तस्करी में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपी लहरतारा निवासी रोहित केशरी की जमानत अर्जी प्रभारी सत्र न्यायाधीश देवकांत शुक्ला की अदालत ने खारिज कर दी। कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध प्रभारी डीजीसी मुनीब सिंह चौहान ने किया। सारनाथ थाने के इस मुकदमे में आरोपी उषा देवी और तीन पुलिस कर्मियों दीपक सिंह, प्रशांत सिंह व विनय की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है।
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