हरहुआ से संदहा तक बन रही रिंग रोड का निर्माण शुरू कराने के लिए प्रशासन और किसानों के बीच दोबारा सोमवार को हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। सोमवार को तहसील में एसडीएम सदर आर्यका अखौरी के साथ किसानों की घंटों चली बातचीत में कोई ठोस हल नहीं निकल सका। किसानों की बात सुनने के बाद एसडीएम ने साफ कहा कि यह मामला उनके स्तर का नहीं है। उन्होंने पूरे प्रकरण को शासन को भेज दिया। इस पर किसान आक्रोशित हो गए और बोले कि मुआवजा के लिए कानूनी तरीके से लड़ेंगे मगर रिंग रोड का निर्माण नहीं होने देंगे।
किसान नए सर्किल रेट से मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। इसके विरोध में शनिवार से हृदयपुर में अनशन पर भी बैठ गए हैं। निर्माण शुरू कराने और अनशन खत्म कराने के लिए सोमवार को एसडीएम सदर ने किसानों को तहसील में बुलाया था। किसान न्याय मोर्चा के प्रवक्ता और प्रदेश संयोजक महेंद्र प्रसाद किसानों के साथ शाम चार बजे कार्यालय पहुंचे। एसडीएम ने फाइल को देखने के बाद किसानों से वार्ता शुरू की। काफी देर तक कोई समाधान नहीं निकल सका। विजय शंकर पांडेय ने जो मुआवजा मिला है और जो बाकी है उसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। साथ ही नए सर्किल रेट से मुआवजा दिलाने का पक्ष रखा। इस पर एसडीएम समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने को कहा। उन्होंने इसके लिए मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण से अनुरोध किया है कि कमेटी गठित कर मामले को निस्तारित किया जाए।