एक दशक से ज्यादा समय से प्रस्तावित आउटर रिंग रोड का काम अप्रैल के मध्य में शुरू होगा। लगभग 57 किलोमीटर लंबे रिंग रोड को तीन चरणाें में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 16 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जलपोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी खुद पीएम के संसदीय क्षेत्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखने यहां आ सकते हैं।
मंत्रालय की ओर से इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) को दिए गए हैं। साथ ही, परियोजना की शुरुआत के संबंध में निगरानी की जिम्मेदारी डीएम प्रांजल यादव को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने अधिकारियों को शहर में चल रही विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने और प्रस्तावित योजनाओं का काम शुरू करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बहु प्रतीक्षित रिंग रोड का काम जल्द शुरू करने को कहा था। उन्होंने जिलाधिकारी प्रांजल यादव से कहा कि अगले महीने से इसका काम जरूर शुरू हो जाए। रिंग रोड की शुरुआत इलाहाबाद-कोलकाता मार्ग पर मोहनसराय बाईपास से होगी जो भदोही मार्ग के आरामपुर होते हुए हरहुआ के पास जौनपुर मार्ग को जोड़ेगी। वहां से आजमगढ़ रोड पर बनवारीपुर और संदहा में गाजीपुर मार्ग को क्रास करती हुई बलुआ घाट तक जाएगी।
सैय्यदराजा मार्ग से होते हुए लौंदा झांसी गांव के पास वापस इलाहाबाद-कोलकाता मार्ग से मिल जाएगी। तकरीबन 9.44 अरब रुपये की 57 किलोमीटर लंबी इस रिंग रोड में मोहनसराय से हरहुआ के बीच 16 किलोमीटर सड़क राज्य सरकार, बाकी सड़क केंद्र सरकार बनवाएगी। इसके तहत गंगा पर मालवीय पुल के समानांतर सेतु भी बनाया जाना है। डीएम प्रांजल यादव ने बताया कि अभी खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। फसल कटने के तत्काल बाद रोड का चिह्नांकन कर 20 अप्रैल तक काम शुरू करने की योजना है।