बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के चौथे स्थापना दिवस पर रविवार को सभागार में आयोजित समारोह में अखिल भारतीय नेत्र सोसाइटी के वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. पार्थ विश्वास ने आंखों से चश्मा हटाने की नवीनतम तकनीक के बारे में बताया।
बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में चश्मा हटाने की तकनीक से अब नेत्र रोग के मरीजों के इलाज की सुविधा जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके बाद दूर दराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत होगी। इसमें मरीज के आंखों की सर्जरी कर उन्हें इस लायक बनाया जाएगा कि उन्हें आगे चलकर चश्मा लगाने की जरूरत न पड़े और वह बिना चश्मा लगाए ही देख सकें।
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क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के चौथे स्थापना दिवस पर रविवार को सभागार में आयोजित समारोह में अखिल भारतीय नेत्र सोसाइटी के वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. पार्थ विश्वास ने आंखों से चश्मा हटाने की नवीनतम तकनीक के बारे में बताया। कहा कि वाराणसी में भी चश्मा हटाने की तकनीक निजी अस्पतालों में तो हैं लेकिन किसी सरकारी संस्थानों में यह सुविधा नहीं है।
बीएचयू पहला ऐसा संस्थान होगा, जहां यह सुविधा शुरू होगी। इससे जुड़ी सभी औपचारिकताएं शुरू हो गई हैं। मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलगुरु वीके शुक्ला ने कहा कि संस्थान को दूरदराज के गांवों को नेत्र सुविधाएं प्रदान करने के लिए गोद लेना चाहिए। उन्होंने नेत्रदान के प्रति समाज में उदासीनता को दूर करने के लिए संस्थान को विशेष मेहनत करने की सलाह दी।
नेत्र विशेषज्ञ सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. ललित वर्मा ने चिकित्सकों को मरीजों के साथ-साथ परिजनों से भी संवाद बनाए रखने की सलाह दी। इस दौरान संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. एमके सिंह ने पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया।