वाराणसी। संकटमोचन संगीत समारोह की अंतिम निशा में कलाकारों ने आभासी मंच पर देर रात तक सप्त सुरों की प्रार्थना से हनुमत लला के चरणों में श्रद्धा भक्ति अर्पित की। कोरोना संक्रमण काल में श्रोताओं की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। संगीत समारोह से अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं।
शुक्रवार को सातवीं निशा में संगीत मार्तंड पं. जसराज के शिष्य पं. सुमन घोष आकर्षण का केंद्र रहे। अमेरिका से ऑनलाइन जुड़े मेवाती घराने के गायक पं. सुमन घोष में दर्शकों ने पं. जसराज की झलक देखी। पं. सुमन ने कहा कि संकटमोचन दरबार में पहली प्रस्तुति दी। गुरू जी मेरे सामने थे और उन्होंने मुझे आशीर्वाद भी दिया। यह पहला मौका जब इस आयोजन में गुरु जी सशरीर मौजूद नहीं हैं लेकिन वह हमेशा हमारे साथ हैं। उन्होंने संकटमोचन के दरबार में राग कौशिक कान्हड़ा में निबद्ध बंदिश पेश की। उन्होंने कोरोना महामारी के शमन के लिए संकटमोचन हनुमान जी से गुहार लगाई। उन्होंने जय जय हनुमान गोंसाई, कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुमसे नहीं जात है टारो... की प्रस्तुति दी। समापन उन्होंने श्रीराम चंद्र कृपालु भज मन...से किया। इस दौरान श्रोताओं ने पं. जसराज के प्रसिद्ध भजन हनुमान लला मेरे प्यारे लला... की भी मांग की।
पहली प्रस्तुति बंगलूरू से जुड़ी श्री विद्या के कुचिपुड़ी नृत्य की रही। उन्होंने मंदोदरी प्रसंग के जरिए मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति से श्रोताओं की प्रशंसा बटोरी। आचार्य कृष्ण राय देव द्वारा रचित मंडूक शबदम की भावपूर्ण प्रस्तुति से सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। किराना घराने के वरिष्ठ कलाकार पं. नागराज हवलदार एवं उनके पुत्र ओंकार हवलदार जुड़े। उन्होंने राग गोरख कल्याण में विलंबित एकताल एवं मध्य लय तीन ताल में बाजे मुरली मन बांवरा...की सुमधुर प्रस्तुति से श्रोताओं को भी भाव से भर दिया। उन्होंने राग भैरवी की रचना जय हो करुणानिधे सुनाया। मुंबई से पद्मविभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया के शिष्य एवं बांसुरी वादक विवेक सोनार ने जब बंशी की मधुर तान छेड़ी तो हर कोई मोहित सा हो गया। कमेंट बॉक्स में बधाइयों का तांता लग गया। हर किसी ने बांसुरी और तबले की जुगलबंदी की सराहना की। उन्होंने राग हंसध्वनि में अद्धा ताल और दु्रत तीन ताल में निबद्ध बंदिश की सुमधुर प्रस्तुति दी। पं. हरीश तिवारी ने देवरिया से अपनी प्रस्तुति दी। इस निशा की अंतिम प्रस्तुति मेडोलिन और ड्रम की जुगलबंदी रही। मेडोलिन वादक यू राजेश और ड्रमर शिवमणि का सदाबहार अंदाज श्रोताओं को आनंदित कर गया। संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने किया।