रविदास मंदिर से दर्शन के बाद प्रियंका गांधी घाट की तरफ बढ़ी तो भीड़ का दबाव ज्यादा था। भीड़ के दबाव के कारण मंदिर से लेकर घाट तक अव्यवस्था रही। प्रियंका को देखने के लिए लोग घाट की चौकी पर खड़े हो गए।
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रोती हुई बुधना और उसकी बिटिया
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दबाव अधिक होने के कारण चौकी टूट गई। चौकी पर दुकान चलाने वाली बुधना की सात साल की बेटी यह देखकर रो पड़ी। बुधना ने कहा कि हम लोगों की रोजी रोटी खराब हो गई। उसने कांग्रेस के लोगों से इसकी शिकायत की।
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बुधना की टूटी चौकी
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सीता राम केशरी ने उसकी चौकी दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह शांत हुई। प्रियंका गांधी पंचगंगा घाट पर बुलाए गए 48 लोगों से संवाद कर रही हैं। प्रियंका के साथ इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और राजीव शुक्ला भी मौजूद हैं।
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रोती हुई बुधना और उसकी बिटिया
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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की अगवानी में जुटे समर्थकों की गलती से बड़ा हादसा होते-होते रह गया। हुआ यूं कि भैंसासुर घाट से नाव पर सवार होकर प्रियंका जब गुलेरिया कोठी के लिए निकली तो नाव पर कई समर्थक भी सवार हो गए।
नाव अनियंत्रित होने लगी तो प्रियंका की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ ने समर्थकों को नीचे उतारना शुरू किया। इस बीच पूर्व महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी और जेनेश्वर यादव को एसपीजी ने चलती नाव से नीचे उतारा। कुछ देर के लिए भैंसासुर घाट पर अव्यवस्था फैल गई। कई महिला दर्शनार्थियों को भीड़ से परेशानियों का सामना करना पड़ा।