गुरुबाग क्षेत्र की महाराणा प्रताप कॉलोनी में फंदा लगाकर जान देने वाली 11वीं की छात्रा खुशी बदलानी को आरोपी कुशाग्र पांडेय फोन करता था तो उसके मोबाइल की स्क्रीन पर एसएचओ लिख कर आता था। एसएचओ यानी थानाध्यक्ष समझ कर खुशी डर जाती थी। यह बात लक्सा थाने की पुलिस की जांच में सामने आई है। फिलहाल पुलिस आरोपी का पता नहीं लगा सकी है और उसकी तलाश जारी है। वहीं कुशाग्र के जो दो अन्य दोस्त मुकदमे में नामजद हैं, पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
लक्सा थाना के गुरुबाग क्षेत्र की महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी फास्ट फूड दुकान के संचालक भारत बदलानी की बेटी खुशी बृहस्पतिवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी थी। भारत बदलानी का आरोप है कि माधोपुरा, सिगरा निवासी कुशाग्र पांडेय और उसके दो दोस्तों की प्रताड़ना से आजिज आकर उनकी बेटी जान दी है। लक्सा थाने की पुलिस तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच कर रही है। लक्सा थाने की पुलिस के अनुसार, कक्षा आठ तक की पढ़ाई किए हुए कुशाग्र के मां-बाप अलग-अलग रहते हैं। वह बृहस्पतिवार से ही अपने घर से गायब भी है। मुकदमे में नामजद उसका एक दोस्त नहीं मिला। एक अन्य दोस्त मिला और उससे पूछताछ की गई तो कुशाग्र के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। कुशाग्र की तलाश करने के साथ ही सर्विलांस की मदद से भी उसके मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है। इस संबंध में एसीपी अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
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पिता ने पुलिस को सौंपा खुशी का मोबाइल
खुशी के पिता ने उसका मोबाइल शुक्रवार को लक्सा थाने की पुलिस को सौंपा। खुशी के पिता ने मुकदमा दर्ज कराने के दौरान पुलिस से कहा था कि उनकी बेटी के मोबाइल में कुशाग्र की धमकी और प्रताड़ना से संबंधित अहम साक्ष्य हैं। पुलिस ने कहा कि मोबाइल की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य मिलेंगे, उनके आधार पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जाएगी।