मणिकर्णिका घाट पर होने वाली रामलीला में भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास को काटकर वापस आए तो भक्तों की आंख छलक उठी। यादव बंधुओं ने चारों भाइयों की शोभायात्रा को कंधे पर उठाया जो सबके आकर्षण का केंद्र बना।
श्री मणिकर्णिका रामलीला समिति की ओर से बुधवार की रात को भरत मिलाप की लीला चौक थाने के सामने हुई। चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम को देखकर भरत उनसे गले मिलने के लिए दौड़ पड़े। चारों भाई जब आपस में गले मिले तो श्रद्धालुओं की आंखें छलक उठी।
बुधवार की रात भगवान राम मणिकर्णिका घाट से यादव बंधु के कंधों पर रथ पर सवार होकर चौक थाने पर पहुंचे। भरत मिलाप होने के बाद यादव बंधु कंधे पर रथ लेकर चारों भाइयों को लेकर निकले। शोभायात्रा दालमंडी, छत्ता तले, गोविंदपुरा, चौक, मुक्ति द्वार, कचौड़ी गली, ब्रह्मनाल होते हुए कपूरिया गली में पहुंचकर समाप्त हुई।