वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय नेशनल ई सिम्पोजियम के दूसरे दिन वक्ताओं ने नक्सलवाद और उससे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ के आर्थिक अपराध शाखा के एसपी कल्याण इल्लेसेला ने कहा कि माओवादी आंदोलन में अब शहरी क्षेत्रों की भूमिका अहम हो गई है। इसलिए अर्बन नक्सलवाद की पैठ और गहरी होती जा रही है। इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी की ओर से इल्लेसेला ने कहा कि नक्सलवाद एक संगठित कार्य प्रणाली पर आधारित संगठन है। जिसे देश में बड़े-बड़े शहरों में कुछ खास लोग नियंत्रित कर रहे हैं। यही अर्बन नक्सल का बढ़ता स्वरूप भी है। रायपुर छतीसगढ़ के डीआईजी जेल डॉ. केके गुप्ता ने कहा कि जेल को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिसे दूर किया जाना चाहिए। अध्यक्षता करते हुए टाटा विज्ञान संस्थान मुंबई के डीन प्रोफेसर अरविंद तिवारी ने कहा कि हिंसा किसी भी व्यवस्था में बदलाव का आधार नहीं हो सकता है। अतिथियों का स्वागत डॉक्टर अवधेश कुमार मिश्रा, कार्यक्रम संचालन प्रोफेसर दिवाकर सिंह राजपूत और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मधु सिसोदिया ने किया। इस दौरान प्रोफ़ेसर पी माधव,प्रो.बलराज चौहान सहित कई लोग मौजूद रहे।