किसानों को सावन के महीने में झमाझम बारिश होने का इंतजार है ताकि आषाढ़ की कमी पूरी हो सके। बारिश न होने से किसान उहापोह की स्थिति में हैं। नर्सरी डालकर किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम ऐसा ही रहा तो इस साल खरीफ की मुख्य फसल धान का उत्पादन घट जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि जिस तरह का तापमान पिछले दो से तीन दिनों से है, ऐसे में धान की खेती प्रभावित होगी। जिनके पास साधन है वह जैसे तैसे रोपाई कर रहे हैं लेकिन जो किसान बारिश का इंतजार कर रहे है उनको नुकसान होगा।
15 जुलाई तक ऐसे ही मौसम रहा तो धान के उत्पादन पर 25 प्रतिशत तक असर पडे़गा। ऐसे में किसान धान की सीधी बुआई कर नुकसान से बच सकते हैं। धान की सीधी बुआई की जानकारी के लिए केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं।
ढढोरपुर के किसान पद्म श्री चंद्रशेखर सिंह कहते हैं कि किसान अभी धैर्य रखें, मौसम अनुकूल होगा। कई बार ऐसा हुआ है कि जब शुरुआती महीने में बारिश नहीं हुई लेकिन बाद में मौसम ने साथ दिया। प्रारंभिक दिनों में बारिश न होने के बाद भी किसानों को धान की अच्छी उपज मिली है। किसान नर्सरी को सुरक्षित रखें और शाम के वक्त उसकी सिंचाई करें। खाली पड़े खेत की तैयारी कर लें। जिससे बारिश होने पर खेत में पानी रुक जाए और रोपाई करने में आसानी हो जाए।