वाराणसी में गर्मी अब सितम ढाने लगी है। दोपहर होते ही घाटों की चहल-पहल खत्म हो जा रही है। वहीं, सड़कों पर चलने वाले लोग गमछे का सहारा ले रहे हैं। चेहरे और शरीर ढक कर चल रहे हैं।
Weather Update: बनारस अब तपने लगा है। बुधवार को तीखी धूप के बीच चली हवा मई के लू जैसी परेशान कर रही रही थी। इस चिलचिलाती धूप ने शहर का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। बीते 34 साल में पहली बार 15 मार्च से पहले बनारस का तापमान इतना ज्यादा बढ़ा है। 1991 से 2024 के बीच में 2018 में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री था। वहीं बुधवार को झांसी (39.3) के बाद बनारस यूपी का दूसरा सबसे गर्म शहर बन गया है।
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4 महीने से ठंड का अहसास कराने वाले गंगा घाट दोपहर में सूरज की खड़ी रोशनी में आग उगलने लगे हैं। बुधवार को दिन में शहर का तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री ऊपर चला गया। इतना पारा संकेत दे रहा है कि बहुत जल्द ही बनारस हीट वेव की चपेट में आने वाला है। दिन में गर्मी ऐसी है कि घर की दीवारें, छत और सड़कें भी जलने लगीं हैं। बुधवार को बनारस में हवा 15 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चली। नमी 32 से 78 फीसदी तक रही।
बनारस में रेडिएटिव हीटिंग का असर
बुधवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 17.6 डिग्री सेल्सियस तक गया। अब रात भी तेजी से गर्म हो रही है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने कहा कि बनारस में रेडिएटिव हीटिंग हो रही है। यानी कि सूर्य से आने वाले पूरे शॉर्ट वेव रेडिएशन को धरती अवशोषित कर ले रही है। जल्द ही हीट वेव से तापमान 40 डिग्री के ऊपर जाएगा।
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इन दो वजहों से बढ़ी गर्मी
डॉ. सिंह ने कहा कि पहली बार देखा गया है कि मार्च के पहले पखवाड़े में इतना ज्यादा तापमान गया हो। इसके पीछे दो प्रमुख वजह बताई। पहला पश्चिमी विक्षोभ के न आने से न तो बादलों की आवाजाही है और न ही तेज हवा या बारिश जैसी स्थिति बन रही है। दूसरी ओर मध्य भारत में एंटी साइक्लोनिक स्थितियों की वजह से भी बारिश का न होना और हवा काफी धीमी गति से चल रही है। इसके चलते मौसम साफ रहा।