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वाराणसी-कोलकाता के बीच जल परिवहन जुलाई से

Fri, 10 Jun 2016 02:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी - फोटो : अमर उजाला
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आईसी कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मीडिया से मुखातिब केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गंगा में जल परिवहन के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा गया है। शुरुआत में एक हजार टन के मालवाहक जलपोत संचालित होंगे। इनसे मारुति की गाड़ियाें को वाराणसी से कोलकाता ले जाया जाएगा। बताया कि इस पर कंपनी से सहमति बन चुकी है। इलाहाबाद से वाराणसी के बीच पैंसेजर पेरिफेरी की भी शुरुआत की जाएगी। 
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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सड़क और रेल परिवहन की तुलना में जल परिवहन काफी सस्ता है। सड़क और रेल परिवहन से जो भाड़ा क्रमश: डेढ़ रुपये और एक रुपये पड़ता है, वह जल परिवहन से महज 20 पैसे होगा। बताया कि जल परिवहन के आधारभूत संसाधनों का खाका तैयार कर लिया गया है। वाराणसी में मल्टी मॉडल हब बनाया जा रहा है। चुनार, मिर्जापुर में फ्लोटिंग टर्मिनल बनेंगे। जिवनाथपुर में रेलवे स्टेशन की डीपीआर तैयार हो चुकी है। गाजीपुर में भी टर्मिनल का निर्माण होना है। वाराणसी में दस किलोमीटर कछुआ सेंचुरी के चलते आने वाली बाधा के बारे में कहा कि विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय को भेजी गई है। हर हाल में पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही काम कराया जाएगा। बताया कि हाईवे के किनारे जल संरक्षण की योजना पर भी विचार चल रहा है। 
 
मंत्री ने कहा कि जमीन और पानी दोनों पर उतरने वाली छोेटी-छोेटी फ्लाई बोट बनाई जाएंगी। हवाई जहाज के लिए जिस प्रकार एयरपोर्ट एथॉरिटी नियम कानून बनाती है। उसी तरह जल परिवहन के लिए भी मंत्रालय नियम कानून बनाएगा। इसके लिए कनाडा और रूस की एयरक्राफ्ट कंपनियों ने रुचि दिखाई है। जुलाई माह में मुंबई में वाटर बस चलाई जाएंगी। एक साथ चार मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस के संचालन पर भी विचार किया जा रहा है। 
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अक्सर हाइवे पर टोल टैक्स जमा करने के लिए गाड़ियों की लंबी लाइनें लगती हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गाड़ियों पर जीपीएस पर आधारित स्टिकर लगाए जाएंगे। वाहन स्वामी प्रीपेड स्टिकर को मोबाइल सिम की तरह रिचार्ज करा सकेंगे। इसके बाद जिस टोल से गाड़ियां गुजरेंगी वहां ऑटोमैटिक टैक्स कट जाएगा। 
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