वाराणसी। केंद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्री उमा भारती ने कहा कि वाराणसी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 101.8 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) से बढ़ाकर 411.8 एमएलडी कर दी गई है।
क्षमता वृद्धि का निर्णय साल 2035 तक शहर की अनुमानित आबादी के आधार पर लिया गया है। कहा कि अगले साल तक गंगा की सूरत पहले से संवरी नजर आने लगेगी। इसके प्रयास तेज कर दिये गये हैं।
बुधवार की शाम स्वच्छ गंगा मिशन का अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक अवलोकन करने के बाद उमा भारती ने बताया कि 457 करोड़ रुपये की लागत से दीनापुर, गोइठहां और रमना में तीन एसटीपी लगाए जाएंगे। बताया कि दीनापुर प्लांट राजघाट के पास, गोइठहां प्लांट वरुणा नदी में एवं रमना अस्सी नदी के जरिए गंगा में गिरने वाले नालों को शुद्ध करेगा।
उन्होंने कहा कि गंगा मंत्रालय तीनों ही एसटीपी के निर्माण पर होने वाले खर्च को वहन करेगा। कहा कि नए एसटीपी से निकलने वाले शोधित जल का इस्तेमाल खेती-किसानी में किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि गंगा नदी के घाटों को संवारने का काम प्राथमिकता के आधार पर होगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत घाटों की सफाई, जैविक शौचालयों का निर्माण, घाटों पर बिजली की व्यवस्था एवं नदी में गिरने वाले फूल व अन्य पूजा सामग्री को बाहर निकाला जाएगा। घाटों को सजाने-संवारने का काम इसी साल अक्तूबर से प्रारंभ हो जाएगा। इस पर होने वाला सारा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।
दशाश्वमेध घाट पर पत्रकारों से बातचीत में उमा भारती ने कहा कि कछुआ सेंचुरी की वजह से काशी के ऐतिहासिक घाटों को खतरा उत्पन्न हो गया है। घाट टूट रहे हैं। इसकी शिकायत मिली है। जल्द ही इस दिशा में ठोस प्रयास होंगे।
गंगा सफाई के बाबत कहा कि अगले साल अक्तूबर तक गंगा में सफाई दिखने लगेगी। केंद्रीय मंत्री ने भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल और महापौर रामगोपाल मोहले के साथ गंगा घाटों का निरीक्षण किया और काशी विश्वनाथ मंदिर एवं अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन औरजल निगम के अधिकारी भी मौजूद थे।