वाराणसी। शिवपुर के चांदमारी (सुतबल) निवासी राजगीर जनार्दन बिंद की हत्या उसके ही बेटे ने संपत्ति की लालच में कराई थी। इसके लिए उसने कातिलों को पांच लाख की सुपारी दी थी। चार बदमाशों ने बीते 19 जून की रात घर के बाहर सोए जनार्दन की गोली मार कर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने इस मामले में सोमवार को चांदमारी से राजगीर के बेटे रामजनम समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास दो तमंचे भी बरामद किए गए। एसपी सिटी सुधाकर यादव ने सोमवार को अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले का खुलासा किया।
रामजनम ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने कई लोगों से कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने के लिए पिता से पैसे मांगता था लेकिन वे नहीं देते थे। कुछ दिन पहले ही पिता ने 21 लाख रुपये में तीन बिस्वा जमीन बेची थी। इसमें से एक फूटी कौड़ी भी उसे नहीं दी। बेटे की नजर पिता की दो बीघे जमीन पर थी।
संपत्ति हासिल करने के लिए उसने पांच लाख रुपये में पिता को मारने की सुपारी राजाबाजार निवासी फहीम, सोनिया निवासी प्रदीप, चोलापुर के चंदापुर निवासी राजेंद्र और सुलेमापुर निवासी आजाद सिंह को दी। 19 जून की रात रामजनम घर में सोया था जबकि पिता जनार्दन बाहर सोए थे।
देर रात दो बाइक से चारों बदमाश उसके घर पहुंचे और जनार्दन की गोली मार कर हत्या कर दी। गोली फहीम ने मारी थी। फहीम को सनी गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया गया है। तीन साल पहले अर्दली बाजार में उसी ने बैंककर्मी महेश जायसवाल की गोली मार कर हत्या की थी।
एसपी सिटी ने बताया कि एसएसपी जागेंद्र कुमार के निर्देश एवं सीओ कैंट विनोद सिंह के पर्यवेक्षण में शिवपुर पुलिस जांच कर रही थी। सोमवार की सुबह एसओ शिवपुर विजय चौरसिया को सूचना मिली कि आरोपी चांदमारी क्षेत्र में मौजूद हैं। पुलिस ने घेरेबंदी कर राजेंद्र, आजाद और रामजनम बिंद को गिरफ्तार कर लिया। एसओ ने बताया कि फहीम और प्रदीप की तलाश की जा रही है। दोनों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।