जिले में वक्फ बोर्ड की 1635 संपत्ति में 406 सरकारी जमीन पर हैं। इसमें 1537 सुन्नी की और 100 शिया बोर्ड की हैं। जिला प्रशासन ने जिले की तहसीलों और नगर निकायों की मदद से सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ चर्चित जमीनें भी हैं लेकिन प्रशासन ने जमीनों के नाम नहीं खोले हैं।
विज्ञापन
शहर में कब्रिस्तानों की जमीनें राजस्व की जमीन में दर्ज हैं। इसी तरह कुछ मजार और मस्जिदें भी सरकारी जमीनों पर बनी हैं। कुछ जमीनों पर कोई निर्माण नहीं है। जिला प्रशासन ने बताया कि तहसील और निकाय के अफसरों की मदद से व्यापक रूप से सर्वे कराया गया है।
एडीएम एफआर वंदिता श्रीवास्तव ने कहा कि खसरा, खतौनी के आधार पर नगर निगम, नगर पालिका और तहसीलों की टीम ने सर्वे किया है। इसमें दफा 37 में 406 संपत्तियां सरकारी जमीन पर दर्ज मिली हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।