बलिया खाद्यान्न घोटाले का वांछित कोटेदार गिरफ्तार किया गया है। उसने फर्जी मास्टर रोल तैयार कर सरकारी योजना में गबन किया। खाद्यान्न घोटाले में कुल 43 प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच और सबूत के आधार पर टीम ने घोटाले में शामिल लोगों को पकड़ा है।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की ईओडब्ल्यू टीम ने बहुचर्चित बलिया खाद्यान्न घोटाले के एक वांछित अभियुक्त जलेश्वर राम को सुबह 11 बजे बांसडीह, बलिया से पकड़ा। वह इस घोटाले के समय कोटेदार के पद पर कार्यरत था।
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गिरफ्तार अभियुक्त पर फर्जी मास्टर रोल के आधार पर फर्जी श्रमिकों के नाम पर खाद्यान्न वितरण दर्शाने का आरोप है। उसने सरकारी खाद्यान्न का दुरुपयोग किया था। घोटाला वित्तीय वर्ष 2002 से 2005 के दौरान हुआ था। उस समय केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना चल रही थी। बलिया के मुरलीछपरा विकास खंड के विभिन्न गांवों में निर्माण कार्य प्रस्तावित थे। इनमें नाली, खड़ंजा, पटरी मरम्मत और सड़क निर्माण शामिल थे। मजदूरों को काम के बदले खाद्यान्न या नकद धनराशि आवंटित की जानी थी।
अभियुक्तों ने फर्जी मास्टर रोल तैयार किए। उन्होंने वास्तविक मजदूरों को खाद्यान्न और नकद धनराशि वितरित नहीं की। इस प्रकरण में कुल 43 मुकदमे पंजीकृत हुए थे। ईओडब्ल्यू निरीक्षक सुनील वर्मा ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत विभिन्न निर्माण कार्य प्रस्तावित थे। इनमें मजदूरों को काम के बदले खाद्यान्न या नकद धनराशि मिलनी थी।
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अभियुक्तों ने फर्जी मास्टर रोल बनाकर वास्तविक मजदूरों को उनके हक से वंचित किया। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत जलेश्वर राम को गिरफ्तार किया गया। उसे विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट आजमगढ़ के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई की गई।