काशी के संताें ने बैठक कर भरी हुंकार।
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Waqf Board News: वैष्णव विरक्त संत समाज के संतों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर मुस्लिम संगठनों द्वारा वक्फ बोर्ड में संशोधन के विरुद्ध चल रहे प्रदर्शन को देश की एकता और अखंडता के खिलाफ एक व्यापक षडयंत्र बताया। संतो ने कहा कि एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष आदि जैसे नेता वक्फ बोर्ड के नाम पर समाज मे अशांति लाना चाहते है जिसको संत समाज कतई बर्दाश्त नही करेगा।
गुरुवार को भदैनी स्थित स्वामी भगवदाचार्य पीठ (प्राचीन शिव हनुमान मन्दिर) में वक्फ बोर्ड की कार्यशैली के विरुद्ध काशी के वैष्णव विरक्त संत समाज की जुटान हुई। सभा मे एकत्रित संतों ने कहा कि यह देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर हो रहा है।
कट्टरपंथी संगठन समाज को और पीछे धकेलने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को देखते हुए काशी का वैष्णव विरक्त संत समाज इन मुस्लिम कट्टरपंथियों का खुल कर विरोध करता है और उनके खिलाफ बड़ा अभियान भी शुरू कर सकते हैं।
संतों ने यह भी कहा कि भारतवर्ष धर्म प्रधान देश है, यहां सनातन धर्म की रक्षा ही सर्वोपरि है। सभा में जगदगुरु बालकदास, महंत डॉ. श्रवणदास, राजस्थान के डॉ. बालेश्वराचार्य, महंत अवध किशोर दास, महंत सियाराम दास, कोतवाल विजय दास, अयोध्या दास ने विचार रखा। स्वागत भगवती तिवारी एवं रामजी तिवारी ने किया। इस मौके पर काशी के वैष्णव विरक्त समाज के संतप्रवर, बटुक, विद्वतजन आदि उपस्थित रहे।