लीग मैच में सर्विसेज को तमिलनाडु ने चौंकाया था
सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में सर्विसेज की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। पूल के मुकाबलों में खेले गए तीन मैचों में से दो में जीत दर्ज कर टीम ने अपनी मजबूती साबित की। लीग में सर्विसेज ने रेलवे और पंजाब को पांच सेटों के मुकाबले में परास्त किया था, मगर तमिलनाडु से उसे हार का सामना करना पड़ा था।
टीम संरचना : तीनों सेनाओं का संतुलन
सर्विसेज की टीम भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्त ताकत का प्रतीक है। भारतीय नौसेना से टीम में छह खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के चार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। इसी प्रकार भारतीय थल सेना से भी चार खिलाड़ी मैदान में उतर रहे हैं। तीनों सेनाओं के खिलाड़ियों का यह संयोजन टीम को तकनीकी मजबूती के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता भी प्रदान कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव और कद-काठी बनी ताकत
टीम के सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अनुभव का यही स्तर कठिन मुकाबलों में टीम के काम आ रहा है। खास बात यह है कि सर्विसेज टीम के खिलाड़ियों की औसत लंबाई करीब 6.5 फीट है जो वॉलीबॉल जैसे खेल में ब्लॉकिंग और स्पाइकिंग के लिहाज से बड़ी ताकत मानी जाती है।
कोचिंग में अनुशासन और हर मैच के लिए अलग रणनीति
टीम की कमान अनुभवी कोच राजेश कुमार के हाथों में है। उनके मार्गदर्शन में टीम ने फिटनेस, रणनीति और तालमेल पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका असर मैदान पर साफ नजर आ रहा है। हर मैच की वीडियोग्राफी कराई जाती है। बाद में फुटेज देखकर खेल का विश्लेषण किया जाता है।
कोच राजेश कुमार के मुताबिक, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना न सिर्फ देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही हैं, बल्कि खेल में भी निरंतर योगदान दे रही हैं। सर्विसेज की टीम इसका जीवंत उदाहरण है जहां अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति खेल भावना के साथ मिलकर उत्कृष्ट प्रदर्शन को जन्म देते हैं। सेना के खिलाड़ी देश के लिए सीमाओं पर और मैदान पर-दोनों जगह-गर्व का कारण बनते हैं।