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सुविधा: धार्मिक सर्किट से जुड़ेंगे विश्वनाथ धाम, महाकाल और ओंकारेश्वर, पर्यटन का होगा विस्तार; बढ़ेगा रोजगार

Sat, 28 Jun 2025 10:46 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: एमपी टूरिज्म बोर्ड के रोड शो में पहुंचे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि धार्मिक सर्किट से बाबा विश्वनाथ, बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर जुडेंगे। 
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काशी विश्वनाथ मंदिर में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला - फोटो : मंदिर प्रशासन
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में एमओयू किया गया है। इस महत्वपूर्ण एमओयू से न केवल पर्यटन सर्किट के जरिये बाबा विश्वनाथ, बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर जुडेंगे बल्कि बुद्ध सर्किट के विकास में भी तेजी आएगी। इससे धार्मिक पर्यटन का विस्तार होगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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पांडेयपुर स्थित होटल में शुक्रवार को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से कार्यक्रम किया गया। रोड शो भी हुआ। इसमें बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का पर्यटन आगे बढ़ रहा है। निवेश भी आ रहा है। बाबा विश्वनाथ का बुलावा आया, तभी काशी आए हैं। अब धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। 

काशी में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
काशी से महाकाल की कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी। एमपी और यूपी का सांस्कृतिक जुड़ाव है। रीति-रिवाज, त्योहार, खान-पान और रिश्ते-नाते एक जैसे हैं। मां गंगा से नर्मदा तक की यह यात्रा पर्यटकों को सुखद अनुभूति का अहसास कराएगी। एमपी-यूपी के संबंध और मजबूत होंगे। पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। प्रयागराज महाकुंभ के बाद एमपी सिंहस्थ की तैयारी में जुटा है। 

मुख्यमंत्री मोहन यादव सिंहस्थ की तैयारियां खुद देख रहे हैं। इस बार का सिंहस्थ यादगार और अनूठा होगा। प्रयागराज महाकुंभ की जो भी अच्छी बातें और व्यवस्था थी, उसे सिंहस्थ में आत्मसात किया जाएगा। 

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काशी विश्वनाथ महाकाल एक्सप्रेस संचालित होगी

काशी में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति व प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पर्यटन में समानता है। बाबा महाकाल और बाबा काशी विश्वनाथ दोनों ही ज्योर्तिलिंग को जोड़ने के लिए काशी विश्वनाथ महाकाल एक्सप्रेस संचालित होती है। गंगा और नर्मदा पर्यटन कॉरिडोर प्रस्तावित परियोजना के तहत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर से गुजरने वाले इस गलियारे में दोनों राज्यों के बीच पर्यटन सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटकों को एक समृद्ध और विविध अनुभव मिलेगा साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य और विरासत पर्यटन को आकर्षित में सहयोग प्राप्त होगा।

प्रश्न- मध्य प्रदेश में दो-दो ज्योतिर्लिंग लिंग हैं? बाबा विश्वनाथ का बुलाआ भी आपको मिला और आप यहां आए, बनारस को किस रूप में देखा? 
जवाब- निश्चित रूप से बाबा का बुलावा मिला तभी यहां आना हो पाया और यह मेरा सौभाग्य भी है। बाबा और मां गंगा का आशीर्वाद हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला, जिससे उन्होंने अपने कार्यकाल के सफलतम 11 वर्ष पूरे किए हैं। देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। भारत को विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाई है। आयुष्मान जैसी महत्वाकांक्षी योजना के जरिए समाज के गरीब और वंचितों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है। मैं भी प्रयागराज से लगे रीवा का रहने वाला हूं। मां गंगा का आशीर्वाद सदैव मिलता रहा है। 

प्रश्न - आप मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य मंत्री के पद का दायित्व संभाल रहे हैं। आप क्या मानना है, जिस मकसद से आयुष्मान योजना शुरू की गई थी, उस पर कितनी खरी उतर पा रही है? 
जवाब- मध्यप्रदेश में ही नहीं देश में आयुष्मान भारत केवल ये एक सरकारी योजना तक सीमित नहीं है, ये विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वो भागीरथी प्रयास है, जिसने देश के 50 करोड़ और मध्यप्रदेश के करीब 4.30 करोड़ लोगों को कैशलेस इलाज के साथ कर्ज के मर्ज से राहत दिलाने का काम किया है। आज हमारे मध्यप्रदेश के 4.30 करोड़ लोग पांच लाख रुपए तक इलाज के उस भरोसे के साथ सुकून की नींद लेते हैं, जिसके लिए पहले उनको या तो रिश्तेदार,साहूकार के सामने हाथ फैलाने पड़ता था या फिर घर,जमीन, गहने तक बेचने की नौबत आ जाती थी। मध्यप्रदेश में अब तक 9000 करोड़ रुपए से आयुष्मान योजना के तहत लाखों लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है।

प्रश्न- मध्यप्रदेश में पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना चल रही है, इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य क्या था और कितना लाभ वास्तविक रूप से मरीजों को मिल पा रहा है? 
जवाब-
पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसको शुरू करने के पीछे उद्देश्य यह था कि इलाज के अभाव में किसी मरीज की जान ना जाए। खासतौर पर सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। इसमें सफलता भी मिल रही है। जिन्हें इलाज के लिए भोपाल या अन्य बड़े शहरों में तत्काल ले जाने की जरूरत पड़ रही, उन्हें पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इससे लोगों की जान भी बच रही है।  सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥" यह एक संस्कृत श्लोक है, जिसे आप सभी ने कहीं न कहीं और कभी न कभी जरूर सुना होगा। जिसका अर्थ है: "सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी हों और किसी को भी दुःख न हो।" जब से मैने स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है, उसी पल से ये श्लोक मेरी प्रभु से प्रार्थना में जुड़ गया है। हमारे सर्वश्रेष्ठ और योग्य चिकित्सकों के उपचार और दवाओं से जब भी कोई व्यक्ति सकुशल घर जाता है तो मुझे उन चिकित्सकों के अथाह श्रम और अपनी प्रार्थना पर विश्वास बढ़ता जाता है। जिससे मुझे सभी रोगियों की चिकित्सकीय सेवा की और अधिक तन्मयता के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलती है और मुझे आपको बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज हम आधुनिक चिकित्सकीय संसाधनों के साथ मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर रहे हैं। 

प्रश्न- पार्टी आलाकमान ने आप में ऐसा क्या देखा जो उपमुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा?  उनकी उम्मीदों पर आप अभी तक कितने खरे उतर पाए हैं? 
जवाब-
मध्यप्रदेश में मोदी जी के नेतृत्व में चुनाव हुआ और फिर एक बार जनता के आशीर्वाद से बीजेपी की सरकार बनी और डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास की एक नई यात्रा का शुभारंभ हुआ। इसी के साथ हमारे विश्व के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद और अमित शाह जी के सानिध्य में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के विश्वास ने मुझे उपमुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा जैसी एक बड़ी जिम्मेदारी दी। जनता के सीधे सरोकार से जुड़े इस विभाग जिम्मेदारी के लिए मैं आज करीब 16 महीने के कार्यकाल के बाद पुनः आपके माध्यम से अपने शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, क्योंकि स्वामी विवेकानंद के कथन- 'नर सेवा नारायण सेवा' का मूल मंत्र आज मेरे जीवन का आधार बन गया है। यही वजह है कि दिन और रात, घड़ी के 24 घंटे और साल के 365 दिन बस अब सिर पर यही धुन सवार है कि मानव जीवन की सेवा के पुण्य कार्य को पूरी पवित्रता के साथ निर्वाह कर सकूं।
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प्रश्न- पर्यटन को बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिन पहले आपने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू किया है... दोनों राज्य एक दूसरे के यहां पर्यटन बढ़ाने में कैसे सहायक बन सकते हैं? 
जवाब- मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कल लखनऊ में यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह जी की उपस्थिति में एमओयू हुआ है। एमपी और यूपी का सांस्कृतिक रूप से जुड़ाव रहा है। हमारे रीति–रिवाज, त्यौहार, खान–पान, रिश्ते–नाते एक जैसे हैं। मां गंगा से मां नर्मदा तक की यह यात्रा न केवल पर्यटकों को सुखद अनुभूति प्रदान करेगी बल्कि दोनों प्रदेश के संबंधों को भी प्रगाढ़ करेगी। निश्चित रूप से दोनों प्रदेशों में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। 

प्रश्न- मध्य प्रदेश में बड़ी आबादी आदिवासियों की है, उन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचने के लिए आपकी सरकार की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं... कितना लाभ दूरस्थ क्षेत्र के आदिवासियों को मिल पा रहा है? 
जवाब-
मध्यप्रदेश के सुदूर आदिवासी अंचलों में महिलाओं की गर्भावस्था में उचित देखभाल के साथ समुचित इलाज के लिए आज जननी सुरक्षा वाहन और आयुष्मान भारत योजना से कैशलेश इलाज़ की सुविधा कभी भी और कहीं भी मिल रही है। उनको नए जीवन की उत्पति के साथ मोदी सरकार के ग्यारह साल के भरोसे के इस रिश्ते को और जड़ से मजबूत करने का काम करती है।

प्रश्न- सिंहस्थ को लेकर प्रदेश में किस तरह की तैयारी चल रही है? आप प्रयागराज महाकुंभ का भी हिस्सा बने थे... इसे किस रूप में देखा? 
जवाब-
सिंहस्थ की तैयारी प्रदेश में जोर-शोर से चल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी खुद लगातार सिंहस्थ के कार्यों की निगरानी और समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इस बार का सिंहस्थ यादगार होगा। निश्चित रूप से प्रयागराज का महाकुंभ अभूतपूर्व और अविस्मरणीय रहा। इससे बहुत कुछ सीखने को भी मिला है। सिंहस्थ की तैयारी में प्रयागराज महाकुंभ की बेस्ट प्रैक्टिसेज को भी शामिल किया जा रहा है।
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