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विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री का दावा, अयोध्या में बनेगा श्रीराम का मंदिर

Sat, 17 Nov 2018 11:13 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
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विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री का दावा - फोटो : अमर उजाला
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विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीष ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में उसी जगह रामलला का भव्य मंदिर बनेगा, जहां पर पहले था। मंदिर के बदले मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी। वह सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज नगर में रैन बसेरा में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि अयोध्या में हिंदुओं के आदर्श मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम 1992 से टाट-पट्टी में पड़े हैं। बावजूद इसके केंद्र और प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने की फुर्सत नहीं है। देश के चार स्थानों पर धर्म सभाएं करने का निर्णय लिया गया है। कहा कि 25 नवंबर को अयोध्या में धर्म सभा का आयोजन किया गया है।

इसे सफल बनाने के लिए जिले स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की बैठक में अंबरीष ने कहा कि धर्म सभाओं में उमड़ने वाली भीड़ राजनेताओं की नींद खोल देगी। व्यवस्थापक बजरंग दल के विभाग संयोजक सत्य प्रकाश सिंह रहे। 
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सानंद की मौत के लिए भाजपा, मोदी जिम्मेदार

मैग्सेसे अवार्ड विजेता डॉ. संदीप पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि गंगा पुत्र स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की मौत की जिम्मेदार भाजपा और नरेंद्र मोदी हैं। देश के लोगों से मन की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सानंद की बात नहीं सुनी। देश के लोग सानंद की मौत के जिम्मेदार लोगों को सत्ता से बेदखल करें। वह नगर के डीआर पैलेस में पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि सानंद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में प्रोफेसर और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव रह चुके थे। उन्होंने गंगा के संरक्षण के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर 22 जून 2018 से हरिद्वार में अनशन शुरू किया था। 112 दिनों तक अनशन करने के बाद 11 अक्तूबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई थी।

अनशन शुरू करने से पहले और अनशन के दौरान उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनकी नहीं सुनी। स्वामी सानंद गंगा को अविरल व निर्मल बहने देने की मांग कर रहे थे। वह गंगा पर निर्माणाधीन और प्रस्तावित बांधों को रुकवाना चाहते थे। 2013 में अनशन के दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उन्हें पत्र भेजकर वादा किया था कि जब केंद्र में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो गंगा संबंधी सभी मांगें मान ली जाएंगी।  
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