उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने पर इनाम की धनराशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। गत 22 जुलाई को इनाम की राशि एडीजी जोन वाराणसी ने बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
करीब सात माह पहले गोपीगंज थाना क्षेत्र में उसके होने की सूचना मिली थी। उस समय भी एसटीएफ ने छापा मारा था। हालांकि तब विष्णु भाग गया था, मौके से उसका एक साथी गिरफ्तार हुआ था। पुलिस के अनुसार पूर्व विधायक विजय मिश्र आगरा जेल में हैं, लेकिन उनका बेटा पुलिस को चकमा देता रहा। ऐसे में यह भी आशंका थी कि कहीं वह विदेश न भाग जाए। इसलिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।
करीब पांच माह पहले विष्णु का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह मुंबई के एक होटल से निकलते हुए दिखा था। एक दिन पहले ही अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी ने उस पर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। उसका ट्रांजिट रिमांड लेकर आज एसटीएफ की टीम रवाना होगी।
विजय मिश्र की अधिवक्ता बेटी रीमा पांडेय ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे के हडपसर पुलिस स्टेशन क्षेत्र से विष्णु की गिरफ्तारी की गई है। उससे पूछताछ की जा रही है। रीमा पांडे ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपने भाई विष्णु मिश्र की जान को खतरा बताया है।
कहा है कि विष्णु मिश्र को रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे पुणे में एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। भाई की जान को खतरा है। यूपी पुलिस व एसटीएफ एनकाउंटर कर सकती है। रीमा ने कोई गैर कानूनी सामग्री पुलिस द्वारा दिखाए जाने की भी आशंका जताई है। उन्होंने सीएम से मांग की कि विष्णु मिश्र को सही सलामत यूपी लाया जाए।