विकास भवन में खुले रूरल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से गांवों की व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी की देखरेख में इस कमांड सेंटर का संचालन हो रहा है। इस सेंटर का मुख्य कार्य विभिन्न योजनाओं पर हर प्रकार से नजर रखना है। अनुश्रवण, सत्यापन का कार्य की माॅनिटरिंग की जाती है।
बदलते दौर में आजकल डिजिटल को माध्यम बनाकर व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। वाराणसी के गांवों में काम करने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति की चेकिंग के लिए विकास भवन में रूरल कमांड सेंटर की व्यवस्था की गई है।
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इस कमांड सेंटर के माध्यम से ग्रामीण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। सेंटर के माध्यम से लाभार्थियों का फीडबैक, उनके चयन आदि कार्य किए जा रहे हैं। बुलावा अभियान के ग्राफ को 49 से बढ़ाकर 79 प्रतिशत किया गया। इसी प्रकार निपुणता का प्रतिशत 66 से बढ़ाकर 82 प्रतिशत किया गया। 212 सूखे तालाबों को भरवाया गया। 173 में से 124 नलकूपों को क्रियाशील किया गया।
इसके अलावा 67 ड्रेन की सफाई कराई गई। 7205 शौचालयों का सत्यापन किया गया। गैरहाजिर 17 सचिवों और 21 सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। सोकपिट को 3166 से बढ़ाकर 17972 किया गया। यह सेंटर शिकायत प्रकोष्ठ के रूप में भी काम करता है।