खसरा-खतौनी, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए ग्रामीणों को अब तहसीलों की दौड़ नहीं लगानी होगी। कैबिनेट से मंजूरी के बाद पंचायत भवनों को मिनी सचिवालय की तर्ज पर विकसित करने का काम शुरू हो गया है।
सेवापुरी के छह से अधिक पंचायतों को मिनी सचिवालय का रूप दिया जा रहा है। यहां एक आपरेटर की भी तैनाती होगी। जिले के 35 प्रतिशत गांव के पंचायतों में भवन का निर्माण हो रहा है। इसमें से 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। सीडीओ मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि पंचायतों को मिनी सचिवालय बनाया जाएगा। यहीं पर सभी प्रकार की सुविधाएं ग्रामीणों को मिलेंगी। आधार, पैन, मतदाता पहचान पत्र भी बनाए जाएंगे। बैंक में छात्रवृत्ति, पेंशन राशि आदि की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। पैसा भी एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाएगा।
सेवापुरी विकास अभियान को आगे बढ़ाएं संस्थाएं
सेवापुरी विकास अभियान के कार्यों के लिए विकास भवन में विभिन्न संस्थाओं की बैठक हुई। सीडीओ मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि अपने अपने कार्य क्षेत्र के लोगों से संपर्क कर आउटकम प्राप्त करें। लक्ष्य को प्राप्त करने की रणनीति तैयार करें। उन्होंने सभी को 26 जुलाई को अपने अपने कार्यों की पीपीटी तैयार करके प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिससे उनके बीच में टीम भावना विकसित हो।