अब गांवों में भी फिक्स चार्ज के बजाए बिजली की खपत के हिसाब से बिल वसूला जाएगा। सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए जाएंगे। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और राजस्व बढ़ाने के लिए बिजली की दरें बढ़ाई जाएंगी।
यह जानकारी गुरुवार को जनसुनवाई के दौरान विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन एसके अग्रवाल ने दी। जनसुनवाई में उपभोक्ताओं ने विभाग की कलई खोली। शिकायतों की झड़ी लगाई। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों की घरेलू बिजली दर मौजूदा समय तकरीबन 3.90 रुपये प्रति यूनिट है।
चेयरमैन एसके अग्रवाल ने बताया कि 6.97 रुपये प्रति यूनिट की दर का प्रस्ताव किया गया है लेकिन जनसुझावों के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अभी इसे घटाया जाएगा। जनसुनवाई में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष अजय मिश्र ने कहा कि कॉलोनाइजिंग वाले देहात के इलाकों को शहरी लाइन से जोड़ा जा रहा है। इस कारण अधिक बिल आने से किसान परेशान हैं।
उद्यमी आरके चौधरी ने सरचार्ज और रेगुलेटरी चार्ज समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट लगाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है जबकि दूसरे प्रदेशों में ऐसा हो रहा है। ओपेन ऑक्शन योजना को लागू किया जाए।
कौशल तिवारी ने कहा कि लो वोल्टेज होने पर कैपिसिटर लगाने वालों से चार्ज वसूला जा रहा है। संजय चौबे ने कहा कि विभाग जानबूझकर नुकसान दिखाता है ताकि बिजली बिल बढ़ाया जा सके।
बुनकर संघ के नेता अब्दुल वाहिद अंसारी ने आईपीडीएस के बाक्स के चलते आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। कनेक्शन लेने में आ रही परेशानियों को उजागर किया। इस पर चेयरमैन के साथ पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अतुल निगम ने खेद प्रकट किया।