सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
डीएम, एसपी के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
हत्या के मामले में पांच नामजद सहित दस पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बरसठी/ जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के जरौटा गांव में हुई प्रेम नारायण सिंह उर्फ नीलू सिंह की हत्या के विरोध पर ग्रामीणों ने शुक्रवार को बरसठी बाजार के तिराहे पर सड़क पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसडीएम मंडियाहूं एवं कानूनगों, लेखपाल ने भूमि विवाद के मामले को उलझाएं रखा जिसकी वजह से हत्या की घटना हुई। सूचना पर मौके पर पहुंचे डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी, एसपी रविशंकर छवि ने कहा कि कानूनगों एवं लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। इसके बाद लोग शांत हुए। उधर पुलिस ने मृतक के भाई अजीत नारायण सिंह की तहरीर पर पांच नामजद सहित दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दो लोगों का गिरफ्तार कर लिया है।
गुरूवार की रात बेरहमी से राड और डंडों से पिटाई करने के बाद चाकू से नीलू सिंह की गर्दन काट कर घायल कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान नीलू सिंह की मौत हो गई। शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम हाउस से जैसे ही शव बरसठी बाजार के तिराहे पर पहुंचा एंबुलेंस में चल रहे साथियों ने नीलू सिंह के शव को उतार कर तख्ते पर रख दिया और एसडीएम मंडियाहूं, लेखपाल, कानूनगो मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जमालापुर - बंधवा मार्ग पर तकरीबन चार बजे जाम लगा दिया। थोड़ी देर में ही पूरा बाजार पुलिस छाबनी के रूप में तब्दील हो गया। साढ़े पांच बजे डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी, एसपी रविशंकर छवि के साथ मौके पर पहुंचे। जाम कर रहे परिजनों से बात किया तो उन्होंने पुरी बात बताई। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि लेखपाल और कानूनगो को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम का हस्तांतरण कर दिया जाएगा। एसपी ने कहा कि घटना में संलिप्त लोगों को 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाएगा और मृतक के बच्चों को आर्थिक सहायता के लिए शासन को लिखा जाएगा। इसके बाद तकरीबन छह बजे रास्ता साफ कराया जा सका। हत्या के मामले में नीलू सिंह के बड़े भाई अजीत नारायण सिंह की तहरीर पर प्रेम पटेल पुत्र राजाराम, चंद्रशेन पटेल पुत्र बिरजू पटेल, सुशील पटेल पुत्र शिरोमणि पटेल, रामसागर पुत्र अज्ञात एवं प्रेम चन्द्र पटेल पुत्र श्रीपटेल सहित पांच अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने बलवा, हत्या सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। धरने के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय राय, सीओ मंडियाहूं अवधेश शुक्ल सहित सात थानों की फोर्स एवं पीएसी तैनात रहीं।
इनसेट
इसी तर्ज पर पहले कैलास की हुई थीं हत्या
बरसठी। मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र में पंचायत के दौरान बुलाकर हत्या किए जाने का ट्रेंड काफी पुराना है। गुरुवार को पंचायत के नाम पर नीलू सिंह को बुला कर हत्या की घटना ने 23 नवंबर 2000 में हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं श्री राम जानकी दिनकर इंटर कॉलेज के प्रबंधक और रामनगर के क्षेत्र पंचायत प्रमुख अटरिया गांव निवासी कैलाश नाथ सिंह की हत्या की याद को ताजा कर दिया। कुछ इसी अंदाल में भाऊपुर गांव में पंचायत के लिए बुलाया गया और वहां पहुंचने के बाद उन की गला काटकर हत्या कर दी गई।
विद्युत करेंट से बालक झुलसा
केराकत। ग्राम शहाबुद्दीनपुर में शुक्रवार सायंकाल साढ़े चार बजे ट्रांसफार्मर के गिरे विद्युत तार के चपेट में आने से कुक्कू यादव पुत्र राजू यादव नौ वर्ष झुलस गया। जिसे उपचार हेतु एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
ट्रांसफार्मर का तार कई दिनों से टूटकर गिरा है। ग्रामीणों ने सूचना भी दी किन्तु किसी ने कोई भी ध्यान नहीं दिया।
कार के धक्के से पूर्व प्रधान घायल
केराकत। ग्राम शहाबुद्दीनपुर के पूर्व प्रधान विजय यादव शुक्रवार को उस समय कार के धक्के से सिहौली के पास गिर घायल हो गए। जब वे बाइक से केराकत की ओर आ रहे थे । उन्हें उपचार हेतु सामुदायकि स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है।
जमींन हड़पने के मामले में ग्राम प्रधान सहित चार के खिलाफ वाद
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। आपस में मिली भगत करके ग्राम सभा की जमींन हड़पने, विरोध करने पर वादी को मारने पीटने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने ग्राम प्रधान सहित चार आरोपियों के खिलाफ वाद दर्ज कर 24 सितंबर के लिए थाने से रिपोर्ट तलब की है ।
मामले के अनुसार बरसठी थाना क्षेत्र के बेलौना कला निवासी चंद्रभूषण दुबे ने कोर्ट में अंतर्गत धारा 156 (3) का प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि लेखपाल राजेंद्र गौतम ग्राम प्रधान संदीप सिंह मिली भगत करके ग्राम समाज की जमींन अवैध रूप से बेनौली कला निवासी अध्यापक सौरभ दुबे, प्रबंधक अशोक दुबे का कब्जा करा दिया। जिसके बाबत एसडीएम मडियाहू के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई । लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई तब मैंने एफआईआर की नकल निकालकर हाई कोर्ट से स्टे करा दिया। जिसमें जवाबदेही के लिए जिलाधिकारी जौनपुर और एसडीएम मड़ियाहूं को नोटिस जारी हुआ । जिस पर जिलाधिकारी द्वारा कहा गया कि उक्त नंबर की जमींन को तुरंत खाली कराया जाए यदि बाउंड्री वॉल बनी हो तो उसे गिरा कर खड़ी कराई जाए। आदेश की अनदेखी करके एसडीएम मड़ियाहूं और लेखपाल राजेंद्र गौतम की मिलीभगत से लेखपाल द्वारा मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज करा दी गई। जिसे मैंने हाई कोर्ट से स्टे करा दिया । इसी बात की रंजिश को लेकर चार अगस्त 2019 को चार बजे दिन में अपनी पत्नी की पूण्य तिथि पर भंडारा का आयोजन किया था। लोग आ जा रहे थे। तभी पता चला कि संदीप सिंह, सौरभ दुबे, अशोक दुबे एक साथ होकर मेरे घर आने वालों की गाड़ी रोक रहे हैं। मैं जाकर पूछा तो सभी लोग मुझे गालियां देते हुए कहे की भंडारा बंद कर दो नहीं तो आग लगा देंगे। सौरभ ने मुझे जान से मारने की नियत से रिवाल्वर से फायर कर दिया लेकिन फायर मिस हो गया। बचने के लिए मैं अपने घर में भागा तो सभी लोग मेरे घर में घुसकर मुझे गिरा कर लात मुक्का से मारा पिटा और नौ हजार रुपए छीन लिए। शोर पर बहुत से लोग आ गए घटना देखे बीच बचाव किया। घटना की सूचना थाना बरसठी और पुलिस अधीक्षक को दिया । लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।