आजमगढ़ जिले के बनगांव में शुक्रवार की शाम को बदमाश पकड़ने गई पुलिस टीम को गांव के लोगों ने बंधक बनाकर पीटा। इस दौरान दो सिपाही गंभीर रुप से घायल हो गए। बाद में सिपाहियों ने आईकार्ड दिखाया तो भीड़ पीछे हट गई।
घायल सिपाहियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया गया, शेष पांच फरार आरोपियों की तलाश की जा रही। घायल सिपाहियों में अरुण कुमार चौबे, हारिल और राजू सिंह हैं। तीनों दीदारगंज थाने पर तैनात हैं।
जानकारी के अनुसार दीदारगंज थाने पर तैनात यह तीनों सिपाही शुक्रवार की शाम को मुखबिर की सूचना पर सादे कपड़े में कार में बैठकर बनगांव निवासी बदमाश विशाल गौतम की तलाश में गांव में गए हुए थे। उन्हें जौनपुर में एटीएम कार्ड बदलने वाले एक बदमाश के होने की सूचना मिली थी।
बनगांव पहुंचने के बाद सिपाही अपनी गाड़ी रोक दिए और सड़क के किनारे खड़े सुजीत राजभर से निकासीपुर गांव जाने का रास्ता पूछकर गाड़ी में बैठा लिया। कार में सवार होते हुए सुजीत बदमाश-बदमाश कहकर शोर मचाने लगा।
गांव के लोगों ने समझा कि बदमाश सुजीत का अपहरण करके ले जा रहे हैं। गांव के लोग घेराबंदी कर कार को रोक लिया। उसमें सवार तीनों पुलिसवालों को बदमाश समझकर पीटने लगे। जनता से बचने के लिए बदमाशों किसी तरह से अपना परिचय और आईकार्ड दिखाया, तो गांव के लोग पीछे हट गए।
इस दौरान दो सिपाही अरुण और हारिल गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हीं पीएचसी मार्टीनगंज में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डाक्टर ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। उधर सिपाहियों के घायल होने की सूचना से थाने की पुलिस में हड़कंप मच गया।
घटना के संबंध में घायल सिपाही हारिल की तहरीर के आधार पर बनगांव निवासी विशाल गौतम, मिंटू, सुभाष, रामशब्द, मनीराम और मुन्नालाल के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर ली। दबिश देकर मुन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही।
सीओ फूलपुर रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। घायल सिपाहियों की स्थिति खतरे से बाहर है।