सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने शनिवार को दूसरे कार्यकाल का पदभार ग्रहण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रतिष्ठित करने का संकल्प दिलाया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय 235 वर्षों से देवभाषा संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा की अविरल धारा को आगे बढ़ा रहा है। यह केवल एक शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि भारत की प्राच्य ज्ञान-संपदा का महत्वपूर्ण केन्द्र है। इसकी विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक अकादमिक आवश्यकताओं से जोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके पहले उन्होंने 22 अगस्त 2023 को 37वें कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। इस दौरान कुलसचिव राकेश कुमार, कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो.सुधाकर मिश्र, संकाय प्रमुख प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विजय कुमार शर्मा मौजूद रहे।