चैत्र शुक्ल तृतीया के चांद की खूबसूरती पर हर कोई फिदा नजर आया। चांद के साथ निकले शुक्र तारे को देखने और इस खूबसूरत नजारे को कैमरे में कैद करने की होड़ मची रही। सोशल मीडिया पर भी चांद की तस्वीर और वीडियो वायरल होते रहे। खगोलीय घटना के इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए हर कोई उतावला नजर आया। चांद के साथ तारे के ऐसे निराले अंदाज बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। बीएचयू के ज्योतिषाचार्य प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को चंद्रमा और शुक्र एक ही राशि पर आए हैं। यह एक खगोलीय घटना है और ज्योतिष की दृष्टि से शुभ कारक है। धार्मिक व मांगलिक कार्य संपन्न होंगे। काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि वीनस अठ्ठारह करोड़ बावन लाख किलो मीटर दूर था, यह माइनस 3.98 मैग्निट्यूड से चमक रहा था। वहीं, चंद्रमा 3 लाख 79 हजार किलोमीटर दूर था। दूर रहते हुए भी शुक्र की दस फीसदी चमक थी। इतना बड़ा अंतर होते हुए भी इनका कोण पृथ्वी से देखने पर इस प्रकार था कि एक साथ नजर आ रहे थे।