शुक्र 29 अप्रैल को रात 11:13 बजे और गुरु छह मई को रात 11:01 पर अस्त हो जाएंगे। जबकि गुरु का उदय तीन जून और शुक्र का उदय 28 जून को हो रहा है। हालांकि, इन ग्रहों के जागृत अवस्था में होने के बावजूद भी मुहूर्त नहीं बन रहे हैं। ऐसे में मांगलिक कार्य ठप ही रहेंगे। जुलाई में मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। मगर, वैवाहिक मुहूर्त नौ, 10, 11, 12 और 13 जुलाई को पड़ रहे हैं। इसके बाद चातुर्मास लग जाएगा तो नवंबर में लग्न शुरू होगा।
ग्रहों के अस्त होने पर क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य
ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य के निकट जब कोई ग्रह एक तय दूरी पर आ जाता है तो वह सूर्य ग्रह के प्रभाव से बलहीन हो जाता है। इस अवस्था में ग्रह अस्त माने जाते हैं। शुक्र सुख, वैवाहिक जीवन, विलासता, विवाह, धन, ऐश्वर्य का कारक माने गए हैं। ऐसे में शुक्र के अस्त होने पर मांगलिक कार्य में सफलता नहीं मिलती है। शुभ फल प्राप्त नहीं होते हैं।
ये होता है वर्जित
विवाह, गृह प्रवेश, बावड़ी, भवन निमार्ण, कुआं, तालाब, बगीच, जल के बडे होदे, व्रत का प्रारम्भ, उद्यापन, प्रथम उपाकर्म, नई बहू का गृह प्रवेश, देवस्थापन, दीक्षा, उपनयन आदि कार्य नहीं कर सकते हैं।
बांधाओं को दूर करने के लिए ये करें
माता लक्ष्मी की शुक्रवार के दिन पूजन-अर्चन, उन्हें पांच लाल फूल चढ़ाएं। इस दिन मंदिर में महिला पुजारियों को सफेद मिठाई दान करना श्रेष्ठ होगा। प्रतिदिन 108 बार ओम शुक्राय नम: मंत्र का जप करें। शुक्रवार के दिन क्रीम या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनें। यदि शादीशुदा हैं तो अपने कमरे में रोज क्वार्ट्ज स्टोन को रखना उत्तम होगा।