सब्जी अनुसंधान एवं नवाचार विषय पर तीन दिवसीय सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
किसानों को नई तकनीक से रंगीन सब्जियों की खेती करने को लेकर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चर्चा हुई। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) शाहंशाहपुर वाराणसी में पोषण उद्यमिता एवं पर्यावरण के लिए सब्जी अनुसंधान एवं नवाचार विषय पर तीन दिवसीय सम्मेलन के दूसरे पांच चरणों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिकों का व्याख्यान हुआ।
वैज्ञानिकों ने वर्तमान में तरह तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए पोषण युक्त रंगीन सब्जियों के महत्व को बताया। मैसूर विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक प्रो. अंश उरूज ने कहा बैगनी रंग की सब्जियों जैसे बैगनी गाजर, चुकंदर एवं पोई साग में एंथोसाइनिन अधिक मात्रा में पायी जाती है जिसमें एंटीआक्सीडेंट का गुण पाया जाता है। वैज्ञानिकों ने सब्जियों का आनुवंशिक विकास पर चर्चा की।
रंगीन सब्जियों की प्रदर्शनी लगी
सम्मेलन में आईआईवीआर में तैयार की गुलाबी मूली, रंगीन सेम की कई प्रजातियों सहित कई रंगीन सब्जियों की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसके बीज आईआईवीआर के वैज्ञानिकों ने तैयार किए हैं। इसके अलावा टमाटर और बैगन एक साथ फलने वाले पौधे का भी प्रदर्शन किया गया।