धर्मसंघ शिक्षा मंडल में शिवार्चन करते दंपती।
धर्मसंघ शिक्षामंडल में लाक्षार्चन और सविधि पूजन के साथ मंगलवार की सुबह धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के छह दिवसीय प्राकट्य महोत्सव का जोरदार आगाज हो गया। सुबह पारंपरिक वेश में धर्मसंघ पहुंचे 108 दंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किसमिस से महादेव का अर्चन किया। इस दौरान वेद ऋचाओं से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
दंपतियों की ओर से लाक्षार्चन के साथ स्वामी करपात्री प्राकट्य महोत्सव की शुरुआत हुई। इस बार का करपात्र रत्न सम्मान काशी के विद्वान प्रो. सुधांशु शेखर को दिया जाएगा। करपात्र गौरव सम्मान डॉ. राजनाथ तिवारी को उनकी संस्कृत सेवा के लिए दिया जाएगा।
धर्मसंघ पीठाधीश्वर शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी ने मंगलवार को कहा कि स्वामी करपात्री जी के सपनों को साकार करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। धर्म-विद्या का प्रसार उनके प्राकट्य महोत्सव के दौरान किया जा रहा है। तीन अगस्त बुधवार को को करपात्र दीपावली मनाई जाएगी। धर्मसंघ परिसर के अलावा आसपास के मंदिरों को भी दीपों से रोशन किया जाएगा। 5-6 अगस्त को सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होंगी। सात अगस्त को गौरी केदारेश्वर के जलाभिषेक के साथ महोत्सव पूरा होगा। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य धर्मसम्राट के सपनो को साकार करना है। इस मौके पर धर्मसंघ शिक्षा मंडल के सचिव जगजीतन पांडेय ने दंपतियों को प्रसाद वितरित किया।