वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय में वेदमंत्र फिर से गूंजने लगे हैं। चार वर्ष से बंद चल रहे महाविद्यालय का स्थानीय लोगों के सहयोग से अग्रवाल महासभा ने जीर्णोद्धार कराया है। अध्यापकों की कमी व भवन के जीर्ण होने के कारण 2016 से ही महाविद्यालय बंद चल रहा था।
कामेश्वर महादेव त्रिलोचन घाट स्थित महाविद्यालय की स्थापना 1940 में हुई थी। इसमें प्रथमा (कक्षा-छह) से लेकर आचार्य (स्नातकोत्तर) तक की पढ़ाई होती थी। भवन के जीर्णोद्धार के लिए विद्यालय प्रबंध समिति ने कई संस्थाओं से संपर्क किया। इस क्रम में अग्रवाल महासभा चैरिटेबल ट्रस्ट ने भवन के पुनर्निर्माण का जिम्मा उठाया और महाविद्यालय को पुन: प्रारंभ कराया। प्रथम चरण में मध्यमा स्तर की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट के सदस्य ओम कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय में पठन-पाठन भी शुरू करा दिया गया है। संविदा पर पांच शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। वर्तमान में मध्यमा स्तर की विभिन्न कक्षाओं में 15 बटुक प्राच्य विद्या का अध्ययन भी कर रहे हैं। विद्यालय में रहने-खाने की व्यवस्था मुफ्त है। ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल उपाध्यक्ष, डॉ. मधु अग्रवाल, आमोद अग्रवाल ने विद्यालय के विकास में हरसंभव सहयोग देने की आश्वासन दिया है।