वीडीए के खिलाफ गुरुवार को इंग्लिशिया लाइन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी प्रतिमा पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। कार्यक्रम संयोजक शैलेंद्र सिंह ने कहा कि यहां के सांसद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। वीडीए की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध सराफा कारोबारी ने आत्मदाह कर जान दे दी। बावजूद इसके सांसद मौन हैं। इसे कांग्रेस कार्यकर्ता वीडीए की भ्रष्ट नीति को सांसद का मौन समर्थन मानते हैं।
उन्होंने कहा कि वीडीए यहां की जनता को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है। जिन लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए वहां कार्रवाई नहीं की जा रही है। असहाय और निरीह लोगों को वीडीए निशाना बना रही है। मनीष के परिवार वालों को केंद्र सरकार की ओर से 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि वीडीए के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन जल्द ही किया जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने की अध्यक्षता जन सूचनाधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बैजनाथ सिंह ने की। इस अवसर अवसर पर सतीश चौबे, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, भगवान सिंह, देवनंदन सिंह, भूपेंद्र प्रताप सिंह, राजपति यादव, विनोद पांडेय, संजय चौबे, शशिकांत तिवारी, सईद आलम, रमजान अली आदि शामिल रहे।