फर्जीवाड़े का तरीका
आरोपियों ने संपत्ति हड़पने के लिए सुनियोजित योजना बनाई। उन्होंने मृतक साहेब आलम के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। रिजवान ने साहेब आलम का रूप धारण कर रजिस्ट्री कार्यालय में खुद को पेश किया। इस तरह फ्लैट की रजिस्ट्री मोहम्मद राशिद खान के नाम पर करा ली गई। आरोपियों ने नगर निगम में भी फर्जी दस्तावेज लगाए। उन्होंने इन दस्तावेज के आधार पर मकान नंबर और पीला कार्ड भी हासिल कर लिया।
धोखाधड़ी का खुलासा और धमकी
जब रफीक अहमद को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई। उन्होंने तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की। आरोपियों ने रफीक अहमद और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। यह धमकी उनके विरोध करने पर दी गई थी। इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी
थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कुल पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें रिजवान भी शामिल है, जिसने मृतक साहेब आलम का रूप धारण किया था। मोहम्मद राशिद खान को इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। अपर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब सभी आरोपियों की तलाश कर रही है।