माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लुभावने प्रचार से लोगों को अवैध प्लॉट बेचे जा रहे हैं। वीडीए की ओर से 30 अकाउंट से 200 अवैध प्लॉट पकड़े गए हैं। इनमें से 40 ढहाए गए हैं जबकि बाकी को गिराने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सोशल मीडिया पर तस्वीरें जारी कर लोगों को प्लॉट दिखाया जा रहा है। अवैध तरीके से जमीनों की प्लॉटिंग पर वीडीए बुलडोजर चलवा रहा है, लेकिन धंधेबाज बाज नहीं आ रहे हैं। भूखंडों पर गेट बनाने और झंडी लगाने वालों पर कार्रवाई हुई तो अब इन धंधेबाजों ने जमीनों को बेचने को लिए सोशल मीडिया को खरीद-फरोख्त का प्लेटफॉर्म बना लिया है। प्लॉट की डिजाइन साझा कर नंबर उपलब्ध कराते हैं और लोग भी बिना जांच-पड़ताल के चक्कर में फंस जाते हैं। इन धंधेबाजों से सतर्क रहने की जरूरत है वरना जीवन भर की कमाई डूब जाएगी। वीडीए के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाती है। शहर के बाहर किसी भी फर्म को प्लॉटिंग की अनुमति नहीं है।
इन बातों का रखें ध्यान जमीन को वीडीए से अनुमति मिली या है नहीं, इसकी जांच करें। लैंडयूज (भूमि प्रयोग ) किस प्रकार का है। इस पर एनजीटी की ओर से कोई रोक तो नहीं है। रियल एस्टेट का काम करने वाली फर्म के नाम पर बैनामा और खारिज दाखिल में कितनी जमीनों को दर्ज किया गया है। लोगों को आगाह किया जा रहा है कि कोई भी प्लॉट या फ्लैट खरीदने से पहले कार्यालय से पता कर लें। वीडीए से अप्रूव है या नहीं। सोशल मीडिया पर अवैध प्लॉट का प्रचार करने वालों पर भी कार्रवाई हो रही है। - पुर्ण बोरा, उपाध्यक्ष, वीडीए