पोखरों में पानी, इधर होता रहा भुगतान
ठेकमा विकास खंड की बकेश ग्राम पंचायत में बाबा सुभाष दासनाथ अमृत सरोवर की खोदाई कागजों में दर्शाई गई है। मौके पर मिट्टी की खोदाई के कोई निशान नहीं मिले और पोखरा पानी से लबालब भरा है। इसके बावजूद ब्लॉक प्रशासन की ओर से दो सितंबर को चार एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) के जरिए 26 श्रमिकों का भुगतान किया गया। पहले और दूसरे एफटीओ से 10-10 श्रमिकों को 24-24 हजार रुपये, तीसरे से नौ श्रमिकों को 23,700 रुपये और चौथे से सात श्रमिकों को 16,800 रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह असवनिया ग्राम पंचायत में नेउर पोखरा, नहर के बगल और हरिशंकर के चक के पास स्थित पोखरों की खोदाई के नाम पर 32 एफटीओ के जरिए चार लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
जहानागंज के दौलताबाद में लबालब पोखरा, उतर गए तीन लाख
जहानागंज विकास खंड की दौलताबाद ग्राम पंचायत में पिंटू सिंह के खेत के बगल में पोखरी की खोदाई कागजों पर दिखाई गई है। मौके पर पोखरी बारिश के पानी से लबालब है और ओवरफ्लो हो रही है। इसके बावजूद मस्टररोल चल रहा है। इस पर 19 अगस्त को 18 एफटीओ के जरिए तीन लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। वर्तमान में चल रहे मस्टररोल के 15 दिन पूरे होने के बाद ब्लॉक प्रशासन अग्रिम भुगतान की कार्रवाई में जुटा है।
अधिकारी बोले
बारिश के दौरान कच्चे कार्य अमूमन बंद रहते हैं, क्योंकि खेत से लेकर पोखरों तक पानी भरा रहता है। आजमगढ़ में पानी भरे पोखरों में खोदाई का प्रकरण सामने आया है। तीनों जिलों के उपायुक्त को पत्र लिखा जाएगा कि ऐसे मामलों की जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करें। -रामबाबू त्रिपाठी, संयुक्त विकास आयुक्त, आजमगढ़ मंडल