वाराणसी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वरुणा वाटर नेविगेशन’ को अमल में लाने के लिए शुक्रवार को डीएम प्रांजल यादव ने शास्त्री घाट से चौकाघाट तक मोटरबोट से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में नदी के दोनों छोर से अतिक्रमण ध्वस्त किए जाएंगे।
इसके बाद नदी को गहरा किया जाएगा। नदी में गिरने वाले नालों को रोकने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद जलस्तर बनाए रखने, किनारों पर दीवार बनाने के अलावा पाथ वे, फूड कार्नर और हरित पट्टी के विकास की योजना पर काम होगा।
इस प्रोजेक्ट पर 242 करोड़ रुपये खर्च होने थे, जिसे संशोधित किया गया है। अब तकरीबन 300 करोड़ रुपये से वरुणा का विकास किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अतिक्रमण को चिह्नित करने का निर्देश तहसील कर्मचारियों को दिया।
नदी में सीवर गिरने से रोकने के लिए पाइप लाइन से नालों को जोड़ा जाएगा। सीवर गोइठहां में बनने वाले एसटीपी में जाएगा। जहां से शोधन के बाद पानी को कचहरी के पास से दोबारा छोड़ा जाएगा। वरुणा में जलस्तर बनाए रखने के लिए ज्ञानपुर नहर से भी पानी छोड़ा जाएगा।
साथ ही, नदी की गहराई बढ़ाई जाएगी। इससे नदी में बहाव भी बना रहेगा और पानी भी साफ रहेगा। नदी के दोनों ओर 25 मीटर तक हरित पट्टी का भी विकास किया जाएगा। नावें चलाई जाएंगी। किनारों पर दीवार और फूड कार्नर के अलावा 2.5 मीटर चौड़ा पाथ वे बनाया जाएगा।
लोग इस रास्ते पर टहलते हुए वरुणा की सैर का लुत्फ उठा सकेंगे। निरीक्षण के दौरान वीडीए, नगर निगम, सिंचाई, राजस्व, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।