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भेदभाव से समाज में उत्पन्न होते हैं दोष : राज्यपाल

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जंगमबाड़ी मठ के वीरशैव महाकुंभ की शुरुआत बुधवार को वैदिक मंत्रों के साथ हुई। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के बाद दक्षिण भारत के विद्वानों ने 38 दिवसीय महाकुंभ के अनुष्ठान की शुरुआत की। महारुद्राभिषेक, पूजन, अर्चन के साथ जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य स्वामी ने समारोह का उद्घाटन किया। शाम को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंगारू दत्तात्रेय जंगमबाड़ी मठ पहुंचे।
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वीरशैव महाकुंभ की शुरुआत करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज जंगमबाड़ी मठ का 100 साल पूर्ण हो गया है। यहां से विद्या ग्रहण करके छात्र देश-विदेश में हमारी सभ्यता और संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। जाति-पाति, धर्म, छूत-अछूत, अमीर-गरीब जैसी कोई चीज नहीं होती है। इससे समाज में दोष उत्पन्न होता है और लोगों में भेदभाव की भावना पनपती है। मठ में सभी को साथ लेकर चलने का सामाजिक कार्य सराहनीय है। इस दौरान राज्यपाल बंगारू दत्तात्रेय ने जंगमबाड़ी मठ की सराहना की।
उन्होंने भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा कि जैसे हमारी सभ्यता और संस्कृति को जंगमबाड़ी मठ के छात्र आगे बढ़ा रहे हैं वह इसी तरह निरंतरता से जारी रहे। इस अवसर पर कर्नाटक के आवास विकास मंत्री केएस ईश्वर मौजूद रहे। उज्जयिनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु सिद्धलिंग राजदेशिकेंद्र शिवाचार्य महास्वामी ने अध्ययन के स्मरणों का सुनाया। आशीर्वचन जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी ने दिया।
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