मेले में रेशम विभाग, वाराणसी, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, बुनकर सेवा केंद्र, और राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम के अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने बुनकरों को प्रशिक्षण, अनुदान, कच्चे माल की उपलब्धता और विपणन संबंधी योजनाओं की जानकारी दी।
केंद्रीय रेशम बोर्ड के निदेशक डॉ. एस. पेरियास्वामी ने बुनकरों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। बुनकर प्रतिनिधि अमरेश कुशवाहा ने कच्चे माल की कीमत, बाजार की कठिनाइयों और प्रशिक्षण के जरूरत का मुद्दा उठाया।
आयोजकों के अनुसार मेले का उद्देश्य बुनकरों को तकनीकी जानकारी, आर्थिक सहयोग और सरकारी योजनाओं से जोड़कर सशक्त बनाना था। कार्यक्रम को बुनकरों ने उपयोगी बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता की मांग की।