पहाड़ों पर बर्फबारी की वजह से ही पिछले सप्ताह सुबह और शाम नम पछुआ हवाएं चलने से लोगों ने ठंड अधिक महसूस की। मौसम में बदलाव का ही कारण था कि न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद एक बार फिर मौसम बदला है।
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पिछले तीन चार दिनों तक बर्फीली हवाओं के चलने के बाद अब हवा की रफतार थोड़ी कम हुई है। इस वजह से ठंड से राहत मिली है। मंगलवार को सुबह से बादलों की आवाजाही जारी रही। दिन में तेज धूप होने का ही असर है कि तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की र्गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिक के अनुसार दो दिन बाद से एक बार फिर ठंड बढ़ने के आसार हैं।
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पहाड़ों पर बर्फबारी की वजह से ही पिछले सप्ताह सुबह और शाम नम पछुआ हवाएं चलने से लोगों ने ठंड अधिक महसूस की। मौसम में बदलाव का ही कारण था कि न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद एक बार फिर मौसम बदला है। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि वाराणसी और उसके आसपास से वार्म फ्रंट गुजर रहा है। इस वजह से ही बादलों की आवाजाही भी दिख रही है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी की वजह भी यही है। हालांकि दो दिन बाद से कोल्ड फ्रंट के दस्तक की संभावना है। इस वजह से ठंड भी बढ़ेगी। इस बीच मंगलवार को अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।