varanasi weather
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने खासकर बुजुर्गों (55-60 वर्ष) के सर्दी, जुकाम और खांसी वाले लक्षणों की अलग लिस्ट बनाने के लिए चिकित्सकों को निर्देशित किया है। जिससे अस्पताल से दवा लेकर जाने के बाद भी उनके स्वास्थ्य निगरानी की जा सके। दोबारा किसी प्रकार की समस्या होने पर उनका इलाज बिना देरी के अच्छे से हो सके। अपर निदेशक एनडी शर्मा ने बताया कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उन्हें दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की हर 15 दिनों तक समीक्षा होगी।