Varanasi Weather Update: वाराणसी जिले में मौसम ने सोमवार को अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ बारिश हुई। जिससे शहर के अलग- अलग स्थानों पर पोल उखड़ गए। जिससे घंटो बिजली बाधित रही।
धूल भरी आंधी और जोरदार बारिश ने सोमवार की रात में बनारस के मौसम को खुशनुमा बना दिया। वहीं सैकड़ों तार और बिजली के पोल टूट कर उखड़ गए। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने कई टीन शेड वाले घरों के छतों को उड़ा दिया।
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आंधी के चलते पेड़ की कई डालियां भी तार और सड़क पर गिर गईं। जिले भर में कई जगह बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। वहीं देर रात तक बिजली चमकने और बादल गरजने का सिलसिला जारी रहा। मौसम ने ऐसा करवट लिया कि एक ही दिन में पारा भी 11-12 डिग्री तक लुढ़क गया।
सोमवार को रात 10 बजे तक तापमान 38 डिग्री से घटकर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं देर रात रिमझिम बरसात के साथ हवा 20 किमी की गति से बहती रही।
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आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान विभाग ने बनारस में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर बताया है कि आज भी जिले में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलेगी और गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश का अनुमान है। सोमवार को जिले में 4.6 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं पूरे अप्रैल भर में 14 एमएम बरसात हुई। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दो घंटे में 10 बार हुई ट्रिपिंग
रोहनिया आंधी के चलते विद्युत उपकेंद्र के यूनिवर्सिटी फीडर से एक घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सुंदरपुर, सरायनंदन, दशमी, सुकुलपुरा आदि क्षेत्रों में दो घंटे में 10 बार ट्रिपिंग हुई है। सारनाथ के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। पुरान पट्टी उपकेंद्र के साथवां फीडर से सिंहपुर, छांही,कल्याणपुर, पतेरवा, हृदयपुर, हसनपुर, नईबजर, भैसौड़ी गांवों में रात में बिजली कटी रही।
33 हजार लाइन वाले 40 खंभे और एलटी लाइन वाले 38 खंभे उखड़े
पिंडरा क्षेत्र में आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। वहीं छप्पर में रहने वाले लोगों को बेघर कर दिया। दूसरे दिन भी कई क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल नही हो पाई। विद्युत विभाग के लोग खंभे गाड़ने और तार को दुरुस्त करने में जुटे रहे। एसडीओ पिंडरा शुभम जैन ने बताया कि चक्रवाती हवाओं के चलते 33 हजार लाइन वाले 40 खंभे और एलटी लाइन वाले 38 खंभे उखड़ कर गिर गए। 70 इंसुलेटर और जंफर क्षतिग्रस्त हो गए।
पिंडरा, थानारामपुर, फूलपुर और करखियाव पेयजल निगम की जलापूर्ति भी ठप रही। कई घरों के टिन शेड, सीमेंट की चादर उड़ गए। कई लोग बिना छत के हो गए। रामपुर के तेज पाल ने बताया कि सीमेंट के छप्पर लगे थे जो आंधी में उड़ गए। वही दबेथुवा स्थित इंटर कालेज के सीमेंट टिन शेड हवा में दूर जा गिरे।