दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। सड़कों पर चल रहे लोग जहां-तहां छांव तलाशते नजर आए, वहीं बाजारों में भी कुछ देर के लिए रौनक कम हो गई। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों का असर है। आने वाले कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।
इस बारिश से आम लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह स्थिति मिली-जुली साबित हो रही है। जिन किसानों की गेहूं की फसल अभी खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी है, उनके लिए यह बारिश नुकसानदायक हो सकती है। अधिक नमी के कारण दाने काले पड़ सकते हैं और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं जिन किसानों ने फसल काटकर खेत या खलिहान में रखी है, उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हालांकि, इस बारिश के कुछ फायदे भी हैं। सब्जी और दलहन की फसलों के लिए यह नमी फायदेमंद मानी जा रही है। इससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जिससे अगली फसलों की बुवाई के लिए जमीन तैयार करने में आसानी होगी। साथ ही आम और अन्य फलदार पेड़ों के लिए भी यह बारिश लाभकारी है, क्योंकि इससे फल गिरने की समस्या कम हो सकती है और उत्पादन बेहतर हो सकता है।
जारी किया गया था यलो अलर्ट
काशी में 29 अप्रैल से 1 मई तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 4 मई तक बारिश का पूर्वानुमान है। आंधी के साथ ही बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सामान्य से 1.6 डिग्री नीचे रहा।
बीते 14 दिनों से दिन का तापमान सामान्य से 4 से लेकर 10 डिग्री तक ऊपर ही दर्ज किया जा रहा था। मंगलवार को हवा 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बही। हवा में नमी 50 फीसदी तक रही। न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है।