25 जून को मानसून के दस्तक देने के बाद से लगा कि बारिश अच्छी होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मानसून सीजन की शुरुआत में जून में 111 मिलीमीटर के सापेक्ष 48.8, जुलाई में 294 की जगह 143.5 मिलीमीटर बारिश हुई। अगस्त में तय कोटा 264 की जगह 348 मिलीमीटर बारिश होने से गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर हुई। सितंबर महीने में 232 मिलीमीटर का कोटा है। अब महीना बीतने में महज सात दिन बचा है और अब तक 100 मिलीमीटर बारिश भी नहीं हो सकी है।
विश्वनाथ धाम में चक्कर खाकर गिरा श्रद्धालु
काशी विश्वनाथ धाम में सोमवार को बाबा के दर्शन के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालु सीताराम नेमा चक्कर खाकर गिर गए। अग्निशमन कर्मियों ने उन्हें छांव में लिटाया और मंडलीय अस्पताल में भर्ती करवाया। इसके पहले शनिवार को हरियाणा की एक महिला प्रीति शर्मा भी चक्कर खाकर गिरीं थीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि पिछले साल भी अग्निशमन विभाग के कर्मियों की ओर से मंदिर परिसर में हीट स्ट्रोक से बेहोश होने वाले 810 लोगों को अस्पताल पहुंचा गया था।
पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा गर्मी
इस सीजन गर्मी पिछले तीन साल में अधिक है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। सितंबर महीने का अधिकतम तापमान का औसत तापमान 33 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, लेकिन पिछले चार दिन से 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक बना है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि इस सप्ताह इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं। धूप तेज होने के साथ ही गर्मी जैसा मौसम ही बना रहेगा।
पिछले सालों में 23 सितंबर का सर्वाधिक तापमान
साल अधिकतम न्यूनतम
2024 36.0 25.5
2023 32.0 25.5
2022 34.3 25.2
2021 30.2 25.1
2020 32.2 26.0
2019 33.1 25.1
2018 35.7 25.6