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बनारस में कड़ाके की ठंड: हो जाएं अलर्ट, 5 डिग्री से नीचे पहुंचा न्यूनतम तापमान, बाबा विश्वनाथ ने भी ओढ़ी रजाई

Thu, 05 Jan 2023 01:09 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नया साल जोरदार ठंड लेकर आया है। वाराणसी समेत आसपास के जिलों में गुरुवार सुबह से ही मौसम ने लोगों को सताना शुरू कर दिया। दिन चढ़ने के साथ भी ठंड से राहत नहीं मिली। भगवान भास्कर का भी दर्शन नहीं हुआ है। न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। 
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शयन आरती में बाबा विश्वनाथ को ओढाई गई रजाई - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की वजह से वाराणसी समेत समेत आसपास के जिलों में  ठंड के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। ठंड इतनी अधिक है कि रात की बात तो दूर दिन में ही कंपकंपी लगने लगी है। सूरज ने भी मुंह मोड़ लिया है। वाराणसी में इस सीजन में सबसे ज्यादा ठंडा दिन गुरुवार रहा। आईएमडी लोकल वेदर के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना है। इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। ठंड के प्रकोप से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। काशी के देवालयों में देव विग्रहों को भी ठंड से बचाने के इंतजाम किए गए हैं। ठंड ज्यादा बढ़ी तो काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चकों ने बाबा विश्वनाथ को भी रजाई ओढ़ा दी।

शयन आरती के बाद नियमित रूप से बाबा विश्वनाथ को रजाई ओढ़ाई जा रही है। इसके अलावा शहर के सभी मंदिरों में भी ठंड से बचाव के लिए देव विग्रहों को रजाई और कंबल ओढ़ाया गया है। वाराणसी में सभी स्कूल सात जनवरी तक बंद हैं। 

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सूरज ने मुंह मोड़ा, नम हवाओं ने कंपाया

ठंड से बचने के लिए अलाव तापते लोग - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में पांच दिन से धूप भी नहीं निकल रही है कि ठंड से थोड़ी राहत मिले। गुरुवार सुबह के समय मध्यम से घने स्तर का कोहरा छाया रहा। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटने लगा और रोशनी में इजाफा हुआ। हालांकि, धूप के दर्शन नहीं हुए। अन्य दिनों की तुलना में दिन में गलन अधिक है। स्वेटर, जैकेट, टोपी और हाथ में दस्ताना पहनकर निकले लोग भी गलन अधिक होने से कांपते नजर आए।  

पिछले एक सप्ताह से मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में धूप तो नहीं हो रही है, लेकिन मंगलवार से आसमान में बादल भी दिख रहे हैं। बुधवार को सुबह से ही 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चलती रही। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि उत्तर पश्चिमी हवाओं की वजह से ही मौसम में बदलाव हुआ है। तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं। ऐसे में अलर्ट रहने की जरूरत है। लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है। 

कंपकंपाती ठंड में पशु-पक्षियों को दे रहे गुड़ और अजवाइन

सारनाथ स्थित चिड़ियाघर - फोटो : सोशल मीडिया
तीन दिनों में ठंड से बचाव के लिए सारनाथ के चिड़ियाघर में के पशु-पक्षियों को गुड़ और अजवाइन के साथ मोटा अनाज दिया जा रहा है। साथ ही पुआल के बेड और पिंजरे के चारों ओर नेट लगाया गया है।  अमूमन सारनाथ डियर पार्क के पशु-पक्षियों को सब्जी और मांस भोजन में दिया जाता है। सारनाथ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी पन्नालाल सोनकर ने बताया कि खाद्य सूची के अनुसार जिन पशु पक्षियों को पालक, पत्ता गोभी, खीरा, गाजर खिलाया जाता था, उन्हें गुड़, अजवाइन, चना, गेहूं, मटर, मक्का और बाजरा दिया जा रहा है। ताकि उन्हें ठंड न लगे।
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चिड़िया घर में 114 चीतल, चार इमू, दो लगलग, 10 साही, पहाड़ी तोता, 10 काले हिरन को गुड़, अजवाइन के साथ मोटा अनाज दिया जा रहा है। एक लोहा सारस, दो सफेद सारस, तीन मगरमच्छ, दो घड़ियाल को मछली दी जा रही है।
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