ठंड से बचने के लिए अलाव तापते लोग
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वाराणसी में पांच दिन से धूप भी नहीं निकल रही है कि ठंड से थोड़ी राहत मिले। गुरुवार सुबह के समय मध्यम से घने स्तर का कोहरा छाया रहा। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटने लगा और रोशनी में इजाफा हुआ। हालांकि, धूप के दर्शन नहीं हुए। अन्य दिनों की तुलना में दिन में गलन अधिक है। स्वेटर, जैकेट, टोपी और हाथ में दस्ताना पहनकर निकले लोग भी गलन अधिक होने से कांपते नजर आए।
पिछले एक सप्ताह से मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में धूप तो नहीं हो रही है, लेकिन मंगलवार से आसमान में बादल भी दिख रहे हैं। बुधवार को सुबह से ही 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चलती रही। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि उत्तर पश्चिमी हवाओं की वजह से ही मौसम में बदलाव हुआ है। तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं। ऐसे में अलर्ट रहने की जरूरत है। लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
सारनाथ स्थित चिड़ियाघर
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तीन दिनों में ठंड से बचाव के लिए सारनाथ के चिड़ियाघर में के पशु-पक्षियों को गुड़ और अजवाइन के साथ मोटा अनाज दिया जा रहा है। साथ ही पुआल के बेड और पिंजरे के चारों ओर नेट लगाया गया है। अमूमन सारनाथ डियर पार्क के पशु-पक्षियों को सब्जी और मांस भोजन में दिया जाता है। सारनाथ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी पन्नालाल सोनकर ने बताया कि खाद्य सूची के अनुसार जिन पशु पक्षियों को पालक, पत्ता गोभी, खीरा, गाजर खिलाया जाता था, उन्हें गुड़, अजवाइन, चना, गेहूं, मटर, मक्का और बाजरा दिया जा रहा है। ताकि उन्हें ठंड न लगे।
चिड़िया घर में 114 चीतल, चार इमू, दो लगलग, 10 साही, पहाड़ी तोता, 10 काले हिरन को गुड़, अजवाइन के साथ मोटा अनाज दिया जा रहा है। एक लोहा सारस, दो सफेद सारस, तीन मगरमच्छ, दो घड़ियाल को मछली दी जा रही है।