15-16 मार्च को बारिश के आसार
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 15 और 16 मार्च को जिले में बारिश की संभावना है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट में बनारस में नमी 63 फीसदी दर्ज की गई है, जो बुधवार के मुकाबले 20 अंक कम है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
बनारस का मौसम पहेली बना हुआ है। एक ही दिन में तीन से चार ऋतुओं जैसा दर्शन काशीवासियों और मौसम के जानकारों को भी हैरान कर रखा है। सुबह में धुंध–कोहरा, दोपहर में चुभने वाली धूप, शाम को उमस भरी गर्मी और रात में कुछ देर की ठंडक पड़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों की सलाह है कि कोहरे और धुंध के संबंध में मौसम संबंधी स्पष्टीकरण का पालन करें। मार्च में ऐसा होना दुर्लभ है, लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में असंभव नहीं है, जैसा कि 2008 में भी देखा गया था।
दूसरी ओर मंगलवार को बनारस में रात के तापमान ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। न्यूनतम पारा सामान्य से रिकॉर्ड स्तर पर 9.3 डिग्री ऊपर 24.6 डिग्री तक चला गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री ऊपर 32.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे पहले रात का इतना ज्यादा तापमान मार्च 2021 में गया था।
वहीं, पिछले तीन से चार दिनों में बनारस के प्रदूषण यानी कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 44 अंक तक बढ़कर 104 अंक पर पहुंच गया है। काशी की हवा 40 दिन के बाद यलो जोन में आ गई है। इसके पीछे वजह बनारस के पर्यावरण में वेंटिलेशन की कमी है। हवा की नमी बढ़कर 88 फीसदी पर पहुंच गई है।
एंटी साइक्लोन जैसी स्थिति
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पछुआ बंद हुई है और वेंटिलेशन घटा है। इससे गर्मी रात में बाहर नहीं निकल पा रही है और रात का पारा तेजी से चढ़ा है। निचले क्षोभमंडल यानी कि 6 से 8 किमी ऊपर पूर्वी भारत के दक्षिणी झारखंड के आसपास एंटी साइक्लोन जैसी स्थिति बनी है।
यह स्थिति मौसम को साफ करती है। धूप तेज हो रही है, लेकिन गर्म हवा नीचे आ रही है। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैली द्रोणी लो प्रेशर के प्रभाव से प्रदेश के निचले क्षोभमंडल में आ रही नम पुरवा हवाओं ने गर्मी बढ़ा दी है। पछुआ बंद हो चुकी है, जो कि गर्म हवा को हटाकर ठंडी हवाओं को लाती थी।