मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा मौसम अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। बारिश के कारण तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है। शाम को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिछले कई दिन निकली कड़ाके की धूप
वाराणसी में पिछले कई दिनों से दिन में तेज धूप निकल रही थी। बुधवार को भी तेज धूप निकली लेकिन शाम को नम पछुआ हवाओं से सिहरन बढ़ गई।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से एक बार फिर से चार फरवरी से वाराणसी समेत पूर्वांचल का मौसम बदलने की संभावना है। इस दौरान बादल छाए रहने के साथ ही नम हवाओं के साथ ही बूंदाबांदी की भी संभावना है।
किसानों की मुश्किलें बढ़ीं
गरज चमक संग बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जानकारों के अनुसार, सब्जियों के साथ-साथ गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान होगा। साथ ही जायद की फसलों की बुआई भी प्रभावित होगी। कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के प्रभारी डॉ. नरेंद्र रघुवंशी के मुताबिक, बारिश और ओलावृष्टि से फूल वाली फसल जैसे सरसों, चना, मटर को पांच से 10 प्रतिशत तक नुकसान होगा। बारिश के बाद अगर तेज हवा चली तो गेहूं के फसल गिरने की संभावना है। जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि बौर लगने वाले आम के पेड़ों पर इस बारिश का कोई असर नहीं होगा।